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सात परिजनों की हत्या करने वाले प्रेमी जोड़े की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला बाद में

Thu, 23 Jan 2020 06:15 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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14-15 अप्रैल 2008 को मुरादाबाद के अमरोहा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। जहां शबनम नाम की एक युवती ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के सात सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले को लेकर रिव्यू पिटीशन दायर की गई थी जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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बता दें कि शबनम अमरोहा जिले के बावनखेड़ी गांव के मास्टर शौकत अली की बेटी है। एमए पास शबनम गांव के स्कूल में शिक्षा मित्र थी। मास्टर शौकत उसकी शादी किसी पढे़ लिखे लड़के से करना चाहते थे। लेकिन शबनम का दिल सलीम पर आ गया था। परिवार को सलीम से शादी में बाधा मानकर शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर खतरनाक साजिश रची।

शबनम ने 14-15 अप्रैल 2008 की रात उसने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया और सबको अचेत कर दिया। इसके बाद प्रेमी सलीम को बुलाकर पिता शौकत, मां,  दो भाइयों, भाभी और शौकत की भांजी चांदनी की हत्या कर दी। 14-15 अप्रैल 2008 की रात उसने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया और सबको अचेत कर दिया। इसके बाद प्रेमी सलीम को बुलाकर पिता शौकत, मां, दो भाइयों, भाभी और शौकत की भांजी चांदनी की हत्या कर दी।
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उस समय अमर उजाला ने इस सनसनीखेज हत्या कांड में आरोपियों के बारे में संकेत दिया था। पुलिस ने इसी लाइन पर चलकर मामले का खुलासा कर दिया। आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस तफ्तीश में यह भी पता चला कि शबनम गर्भवती है। उसने जेल में ही पुत्र को जन्म दिया जिसे बुलंदशहर के एक पत्रकार ने गोद लिया। 

अमरोहा के जिला और सत्र न्यायालय ने इस जघन्य हत्या कांड में शबनम और उसके प्रेमी सलीम को फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा। शबनम इस वक्त मुरादाबाद जेल और सलीम आगरा जेल में बंद है।

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