मुरादाबाद। दिल्ली में लिव इन पार्टनर रामकेश मीणा की हत्या करने से पहले मुरादाबाद की अमृता चौहान ने क्राइम की वेब सीरीज और सीरियल्स देखे थे। साजिश रचने के बाद उसने ऐसे शख्स की तलाश की, जो उसके कहने पर तुरंत तैयार हो जाए और हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने में उसकी मदद कर सके।दिल्ली के तिमारपुर के गांधी विहार इलाके में यूपीएससी के छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड खुलासे के बाद पुलिस की जांच में कई चौका देने वाले तथ्य सामने आए हैं। हत्याकांड की मुख्य आरोपी अमृता चौहान ने अपनी फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई के सारे अनुभव शव को ठिकाने लगाने में लगा दिए। दरअसल वह नहीं चाहती थी कि हत्या के बाद पुलिस उस तक पहुंच सके।
कटघर के मिलक पंडित निवासी अमृता ने वेब सीरिज देखकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। इसके लिए उसने नागफनी थाना क्षेत्र के बंगला गांव में रहने वाले सुमित को कॉल की और पूरे मामले की जानकारी दी। सुमित एलपीजी सिलिंडर सप्लाई करता है। सुमित अपने पड़ोस में रहने वाले संदीप को लेकर दिल्ली पहुंच गया और अमृता चौहान से संपर्क किया था।
इसके बाद तीनों रामकेश के पास पहुंच गए थे। हत्या के बाद अमृता और सुमित शव ठिकाने लगाने में जुटे रहे थे। रसोई से घी-रिफाइंड लाकर शव पर डाला गया। इसके बाद आरोपी सुमित ने रसोई से सिलिंडर बाहर निकाला। बाद में उसका पाइप हटाकर सिलिंडर को रामकेश के सिर के पास रख दिया गया था। इसके बाद बेहद धीमी गति से सिलिंडर में लगे रेग्युलेटर को खोल दिया।
सात साल पहले फेसबुक के जरिये हुई थी सुमित और अमृता की दोस्ती
मुरादाबाद। कटघर के मिलक पंडित नगला निवासी अमृता और बंगला गांव निवासी सुमित कश्यप के बीच सात साल पहले फेसबुक के जरिये दोस्ती हुई थी। सुमित ने घरेलू गैस की एजेंसी बताकर बातचीत आगे बढ़ाई, जबकि वह एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई करता था। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है कि अमृता जब भी दिल्ली से मुरादाबाद आती थी तो सुमित से मिलती थी। रामकेश की हत्या करने से कुछ दिन पहले ही अमृता ने सुमित को बताया कि दिल्ली में एक लड़का उसे ब्लैकमेल कर रहा है। वह उससे छुटकारा चाहती है लेकिन उसके पास वीडियो हैं। वह उसका भविष्य बरबाद कर सकता है। अमृता ने उसे अपनी बातों में फंसा कर दिल्ली बुला लिया था।
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लगातार बंद आ रहा था अमृता का मोबाइल फोन
शक के आधार पर पुलिस ने अमृता के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई। उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था। इंस्पेक्टर पंकज तोमर की टीम ने अमृता की तलाश शुरू की। पीतलनगरी, मुरादाबाद में उसके घर, रिश्तेदारों के यहां छापे मारे गए। जांच में पता चला कि अमृता दिल्ली के छतरपुर में छिपी है। टीम वहां पहुंची तो वह निकल गई। बाद में 18 अक्तूबर को अमृता को मुरादाबाद से दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद हत्याकांड से पर्दा उठ गया। बाद में 21 को मुरादाबाद से ही सुमित कश्यप और 23 अक्तूबर को संदीप कुमार को दबोच लिया गया। तीनों को दो-दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। बाद में अदालत में पेश कर इनको जेल भेज दिया गया।
रामकेश की शर्ट पहनकर निकली थी अमृता
रामकेश और अमृता की मुलाकात मई 2025 में हुई थी। दोनों की बातचीत जल्द ही प्यार में बदल गई। अमृता ने रामकेश के साथ लिव इन में रहना शुरू कर दिया। रामकेश ने अमृता के साथ कुछ अंतरंग वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करके अपने पास हार्ड डिस्क में रख लिए। अमृता को पता चला तो उसने इनको डिलीट करने के लिए कहा। कई बार अमृता ने उससे यह मांगे भी, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टाल देता था।