जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर के मामले में सुनवाई की तिथि बढ़ाई
जामा मस्जिद में हरिहर होने के दावे के मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तारीख नियत कर दी है। हालांकि इस मामले में शीर्ष न्यायालय ने निचली अदालतों को सुनवाई करने पर रोक लगा दी है।
बता देंं कि 19 नवंबर 2024 को अधिवक्ता हरिशंकर जैन समेत आठ लोगों ने सिविल जज सीनियर डिविजन आदित्य कुमार सिंह के न्यायालय में संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए वाद दायर किया था।
उसी दिन न्यायालय ने कोर्ट कमिशन नियुक्त कर दिया। उसी शाम को कोर्ट कमिश्नर ने डीएम और एसपी की मौजूदगी ने शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया था। दोबारा सर्वे के दौरान बवाल हो गया था।
जामा मस्जिद के अधिवक्ता शकील वारसी ने बताया कि 24 नवंबर को संभल में हुई हिंसा के बाद जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट चली गई। जिसके बाद शीर्ष न्यायालयों ने निचली अदालतों पर इस मामले में सुनवाई किए जाने पर रोक लगा दी।
प्रोसेसिंग स्टे कर दिया। वहीं इस मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायालय में सुनवाई होनी थी। शीर्ष न्यायालय के द्वारा प्रोसेसिंग स्टे होने पर कोई पक्ष सुनवाई को नहीं पहुंचा। जिससे न्यायालय ने अगली तारीख तीन जुलाई नियत कर दी है।