जिला अस्पताल में निरीक्षण करते राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह।
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महिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी के सामने मरीजों ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। मरीजों ने मुफ्त की सुविधा के बदले शुल्क देने का आरोप लगाया। कहा कि आपरेशन से लगाए चादर बदलने तक के पैसे लिए जाते हैं। आपरेशन के एक हजार तो चादर बदलने के बीस रुपये लिए गए। जिसपर राज्यमंत्री बिफर पड़े।
वहीं जिला और महिला अस्पताल में गंदगी मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए डाक्टरों को फटकार लगाई। उन्होंने पंद्रह दिनों के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी रविवार को नगर विधायक रितेश गुप्ता के साथ अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए।
जहां स्टोर के बगल मेें कूड़ाघर देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे अस्पताल परिसर से हटवाने की बात कही। इसके बाद वह इमरजेंसी कंट्रोल रूम में पहुंच गए। जहां जंग लगे बाउल में काटन रखा मिला। वहीं इमरजेंसी वार्ड में बेड पर बिछी चादरें गंदी मिली। वार्ड का टायलेट भी गंदा मिला।
यहां से निकल महिला अस्पताल के जनरल वार्ड में साफ सफाई का जायजा लिया। जनरल वार्ड में भर्ती फरजाना पत्नी अकरम निवासी कोहिनूर तिराहा करुला ने आपरेशन के लिए एक हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। कहा कि हर सुविधा देने के नाम पर मरीजों से पैसा लिया जाता है।
चायपानी के लिए सौ रुपये तो चादर बदलने के बीस रुपये लिए जाते हैं। वहीं नूर फातिमा ने बताया कि प्रसव कराने पर उससे 620 रुपये लिए गए। ऐसे ही शिकायत दूसरे मरीजों ने किया। इन शिकायतों पर राज्यमंत्री बिफर पड़े।
उन्होंने प्रदेश सरकार के मंशानुरूप कार्य करने की नसीहत दी। पंद्रह दिनों की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सीएमओ डा. संजीव यादव, एसआईसी डा. ज्योत्सना पंत थीं।