फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: अखिलेश यादव की आजम खां से मुलाकात के बहाने मुस्लिम वोटों पर नजर, ओवैसी की दस्तक ने बढ़ाई सियासी चर्चा

Wed, 21 Oct 2026 03:26 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रामपुर में सपा के सियासी आधार और मुस्लिम वोटों पर नजर है। ओवैसी की दस्तक ने सियासी चर्चा बढ़ा दी है। अखिलेश यादव का दौरा आजम खां के साथ सपा के रिश्तों और रामपुर में पार्टी की पकड़ को लेकर भी संदेश देगा।
विज्ञापन
आजम, अखिलेश और ओवैसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामपुर के टांडा में रविवार को एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा की थी। इसके बाद अब सपा मुखिया अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। विधानसभा चुनाव से पहले 22 अक्तूबर को होने वाली इस मुलाकात को महज औपचारिकता के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। 
विज्ञापन


इसके केंद्र में रामपुर की सियासत, मुस्लिम मतदाताओं के बीच नेतृत्व की लड़ाई और समाजवादी पार्टी के भीतर आजम खां की राजनीतिक अहमियत जैसे सवाल हैं। आजम खां लंबे समय से रामपुर की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। 

ऐसे में उनके जेल में बंद रहने के बीच अखिलेश यादव का उनसे मिलने पहुंचने का कार्यक्रम सपा के राजनीतिक संदेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक ओर ओवैसी की सक्रियता मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। 
विज्ञापन
Trending Videos

वहीं, अखिलेश यादव का दौरा आजम खां के साथ सपा के रिश्तों और रामपुर में पार्टी की पकड़ को लेकर भी संदेश देगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां का राजनीतिक प्रभाव केवल एक नेता तक सीमित नहीं रहा है। जिले में सपा की सियासत और मुस्लिम मतदाताओं के बीच पार्टी की पैठ मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
 

ऐसे में उनके जेल में रहने के दौरान पार्टी नेतृत्व की सक्रियता को भी राजनीतिक नजरिये से देखा जा रहा है। अखिलेश यादव की मुलाकात से यह संदेश देने का प्रयास हो सकती है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेता के साथ खड़ी है।

 

हालांकि, इस मुलाकात का असर कितना होगा, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों और स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगा। सवाल यह भी है कि क्या यह दौरा आजम खां और सपा नेतृत्व के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर उठने वाले सवालों को विराम देगा और पार्टी कार्यकर्ताओं को कोई स्पष्ट संदेश दे पाएगा। 

 

सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव 22 अक्तूबर को रामपुर पहुंच रहे हैं। उनके आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम आ गया है। वह सपा नेता आजम खां से जेल में मुलाकात करेंगे।
 

ओवैसी की दस्तक ने बढ़ाई सियासी चर्चा
ओवैसी के रामपुर दौरे के कुछ ही दिन बाद अखिलेश यादव का कार्यक्रम सामने आने से दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जा रहा है। मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिशें प्रदेश की सियासत में पहले भी चर्चा का विषय रही हैं। 

 

रामपुर में आजम खां की राजनीतिक विरासत को देखते हुए यहां की गतिविधियों का असर जिले से बाहर भी महसूस किया जा सकता है। ओवैसी की सक्रियता के बीच अखिलेश यादव का रामपुर आना सपा के लिए अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक पकड़ दिखाने का अवसर भी है। हालांकि, केवल इन दोनों दौरों के आधार पर मुस्लिम मतदाताओं के बीच किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
विज्ञापन

एक साल बाद जेल में मुलाकात, पुराने दौरे की भी चर्चा
आजम खां करीब एक साल से रामपुर जेल में बंद हैं। इस अवधि में अखिलेश यादव का उनसे मिलने पहुंचना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले सीतापुर जेल से आजम खां की रिहाई के बाद भी अखिलेश यादव उनसे मिलने रामपुर आए थे। अब दोबारा जेल में मुलाकात का प्रस्ताव सामने आने से दोनों नेताओं के राजनीतिक संबंध और सपा की आगे की रणनीति चर्चा में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें