मुरादाबाद। पीतलनगरी वासियों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है। प्रदूषण का स्तर सोमवार को लाल निशान के पार पहुंचकर पिछले नौ दिनों के सर्वाधिक स्तर पर है। एक्यूआई 454 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। दोपहर दो बजे इस उच्च स्तर पर पहुंचा यह सूचकांक प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी अधिक था। सोमवार को मुरादाबाद की हवा दिल्ली और गाजियाबाद के बाद सबसे प्रदूषित पाई गई।
प्रदूषण से बचने के लिए लोग मास्क ढूंढ रहे हैं, लेकिन उच्च मानकों वाला मास्क दुकानों पर नहीं मिल रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी के अनुसार दो अवैध भट्ठियों को बंद करा दिया गया है। ट्रंचिंग ग्राउंड पर आग जलती पाए जाने के कारण नगरायुक्त को नोटिस जारी किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सजगता नहीं बरती गई तो प्रदूषण का यह स्तर लोगों को गंभीर रूप से बीमार बना सकता है। हवा की धीमी गति की वजह से भी वातावरण में धुंध की परत छाई हुई है। सोमवार दोपहर दो बजे शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक में मुरादाबाद का प्रदूषण 454 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि दिल्ली का 458, गाजियाबाद का 456 और लखनऊ का 440 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।