मुरादाबाद। वर्तमान में 40 प्रतिशत मरीज इलाज के लिए बीमा कराते हैं। भुगतान के समय बीमा कंपनियां मनमानी करती हैं। आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए सरकार और अस्पताल संचालकों के बीच एमओयू है। दो सप्ताह में भुगतान का नियम है लेकिन कई मामलों में दो साल बीत गए हैं, भुगतान नहीं मिला।
यह बातें सिद्ध अस्पताल के संचालक डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल संचालकों की बात सुनने के लिए जिला स्तर पर कोई अथॉरिटी नहीं है। अस्पताल संचालकों की बात को एक मंच पर लाने के लिए एएचपीआई के वेस्ट यूपी चैप्टर का गठन किया जा रहा है। शनिवार को दिल्ली रोड स्थित होटल में उद्घाटन समारोह होगा। (एएचपीआई) एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया के राष्ट्र स्तरीय पदाधिकारी यहां पहुंचेंगे। इस मौके पर एएचपीआई वेस्ट यूपी के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, डॉ. अंकुर गोयल और डॉ. मगन मेहरोत्रा मौजूद रहे। बताया गया कि यूपी वेस्ट चैप्टर के अंतर्गत मुरादाबाद, बरेली, रामपुर, अमरोहा, संभल, बिजनौर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा व ग्रेटर नोएडा) सहित आसपास के जिले शामिल हैं।
यह रहेंगे सम्मेलन के प्रमुख विषय
- स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे तेज बदलाव
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका
- आयुष्मान भारत, सीजीएचएस, ईएसआईसी जैसी सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
- निजी बीमा और टीपीए से जुड़ी चुनौतियां
- अस्पतालों के बीच सहयोगात्मक विकास की आवश्यकता