मुरादाबाद। अहाई अष्टमी पर सोमवार को माताओं ने निर्जला उपवास रखकर संतान की लंबी उम्र एवं अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की। माताओं ने दिन में अहोई माता की पूजा कर देर रात तारों को अर्घ्य दिया।
सोमवार को अहोई अष्टमी के मौके पर संतान की सुख समृद्धि एवं संतान के सफल जीवन के लिए माताओं ने निर्जला व्रत रखा। दिनभर उपवास करने के बाद शाम को माताओं ने दीवार आदि पर अहोई माता की तस्वीर बनाकर उसमें रंग भरे। अधिकांश माताओं ने अहोई माता के कैलेंडर व चित्रों का भी प्रयोग किया। शाम को तारे निकलने पर माताओं ने अहोई माता की पूजा शुरू की। घर के एक स्थान पर आटे से चौक बनाक कलश रखा। पूजा-अर्चना कर अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुनी। एक कटोरी में हलवा तथा बायना निकालकर रखा। पूजा के बाद इस बायने को महिलाओं ने अपनी सास या अन्य बड़ी महिलाओं को दिया। इसके बाद अर्घ्य देकर अपना व्रत खोला।