हरियाली और पर्यावरण शुद्घ करने के लिए पिछले साल पांच करोड़ पौधे लगाए गए थे। हरियाली तो जिले में कहीं दिखाई नहीं दी और अब फिर से वन विभाग 15 लाख पौधे लगाए जाने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए वन विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पौधों के लिए जमीन को उपयोगी बनाने के लिए गढ्डे खोदेे जा रहे हैं। पानी और खाद डालकर जमीन को तैयार किया जा रहा है। पिछले साल जिले में पांच करोड़ पौधे लगाए गए थे। स्कूल, कालेज, थाने, सरकारी दफ्तर, सरकारी जमीन, निजी संस्थानों और निजी स्कूलों में भी पौधे लगाए थे।
वन विभाग की ओर से इन पेड़ों का सर्वे किया गया। तब सामने आया कि आठ से दस प्रतिशत पौधे नष्ट हो गए हैं। उनकी पूर्ति के लिए दोबारा पौधे लगाए जा रहे हैं। वन विभाग इस बार पंद्रह लाख पौधे लगाएगा। इसके लिए सरकारी जमीनों पर पौधे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जमीन को पौधे के लिए उपयोगी बनाने के लिए गढ्डे खोदकर उसमें खाद पानी डाला जा रहा है। पेड़ों के सर्वे के लिए टीमें भी बनाई गई हैं। पिछले साल जहां जहां पेड़ लगाए गए थे। टीम मौके पर जाकर सर्वे करती है और अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपती है।
हर तीन माह में पेड़ों का सर्वे किया जाता है। जबकि पेड़ों की देखरेख के लिए भी जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके बावजूद पेड़ नष्ट हो रहे हैं। पंद्रह लाख पौधे लगाकर हरियाली और पर्यावरण को शुद्घ किया जाएगा।