कलक्ट्रेट में एसएसपी कार्यालय में धुव बारे प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते एसएसपी प्रभाकर चौध?
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मुरादाबाद। अपहृत ध्रुव के सकुशल मिल जाने के बाद सभी को सुकून तो है पर यहां तमाम सुलगते सवाल हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा ओर चारों तरफ अलर्ट करने के बावजूद आखिर बदमाश ध्रुव को लेकर गाजियाबाद तक कैसे पहुंच गए? चार जिलों की सीमा पर अलर्ट होने के बावजूद चेकिंग ही नहीं की गई।
बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई थी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक दस टीमें बच्चे की बरामदगी के लिए लगा दी गई थीं। एसओजी आदि भी लगी थी। सभी जिलों में अलर्ट किया गया था। कहा गया था कि चेकिंग चलाई जाए पर सारी पुलिस व्यवस्था को धता बताते हुए बदमाश बच्चे को लेकर चौथे जिले में प्रवेश कर गए। पहले मुरादाबाद सीमा से अमरोहा की सीमा में प्रवेश किया। वहां से हापुड़ जिला पार किया। इसके बाद गाजियाबाद में घुसे वह भी कार से। हैरत की बात यह है कि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि बच्चे को ले जाने में कोई महिला भी शामिल थी। अमूमन महिला के साथ बच्चा होने से शक कम होता है पर यहां तो उसे ले जाने वाले दोनों पुरुष ही बताए जा रहे हैं। फिर भी उन्हें चेक नहीं किया गया।
पुलिस लाइन पार में ही ढूंढती रही
रात भर पुलिस की टीमें ध्रुव को लाइनपार क्षेत्र में ही ढूंढती रहीं। पुलिस को यहां की लोकेशन की बाद में जानकारी मिली थी। हालांकि कॉल इंटरनेट थी पर पुलिस को कहीं से बदमाशों के यहीं होने का क्लू मिला। ऐसे में रात भर पुलिस इसी क्षेत्र में काम करती रही। कई टीमें सिविल ड्रेस में लगी रहीं पर बदमाश पुलिस को धता बताते हुए गाजियाबाद पहुंच गए।