फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच माह बाद भी नहीं सुलझी डबल मर्डर की गुत्थी

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के चर्चित दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पांच माह बाद भी नहीं सुलझ सकी है। पुलिस ने संदेह के घेरे में आए जिन लोगों को हिरासत में लिया था उन्हें भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। घटना के समय पति पत्नी ही घर में मौजूद थे जिन्हें हत्यारों नेे मौत के घाट उतार दिया था।
विज्ञापन

ठाकुरद्वारा थानाक्षेत्र के पीपल डोला आर्य नगर में प्रशांत वर्मा उर्फ मोहित वर्मा (30) अपनी पत्नी मोना वर्मा (27) के साथ रहते थे। प्रशांत ठाकुरद्वारा में केबिल का कारोबार करते थे। शादी को दस साल हो चुके थे और कोई संतान नहीं थी। घटना के समय घर में पति पत्नी ही मौजूद थे। हत्यारे घुसे और पति पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद फरार हो गए थे।
पालतू डॉगी ने दे थी अपने ही तरीके से खबर
प्रशांत उर्फ मोहित के घर से करीब दो सौ मीटर दूर ही उनके ममेरे भाई संजय वर्मा का मकान है। प्रशांत रात को अक्सर अपनी पालतू डॉगी जिंजर को लेकर घूमने के लिए निकले थे और अपने मामा के घर भी जाते थे। 29 जून 2020 की रात प्रशांत अपने मामा के घर नहीं पहुंचे। घटना वाली रात पौने दस बजे जिंजर दौड़ते हुए संजय के घर पहुंच गई और उनके कपड़ों को खींचने लगी थी। इस पर संजय जिंजर के साथ घर से बाहर निकले तो उसने आगे आगे प्रशांत के घर की तरफ दौड़ लगा दी थी। घर जाकर देखा तो पति पत्नी के शव घर में पड़े मिले थे। केबिल कारोबारी का गला रेता गया था, जबकि मोना का गला घोंटा गया था। दंपती का कौन दुश्मन है और उन्हें किस रंजिश में पति पत्नी को मौत के घाट उतारा गया है। अभी तक पुलिस किसी लाइन पर नहीं पहुंच पाई है। पांच माह बाद भी पुलिस सनसनीखेज डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने में नाकाम है। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस के अलावा एसओजी भी लगी है। बावजूद इसके पुलिस को अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
विज्ञापन

ठाकुरद्वारा के दोहरे हत्याकांड के खुलासे को टीमें लगी हैं। घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया गया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जटाए थे। पुलिस तीन लाइनों पर काम कर रही है। इस हत्याकांड का खुलासा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

प्रभाकर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें