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एक-दो माह बाद जिनकी होनी शादी वो ले लिए फेरे

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मुरादाबाद। सामूहिक विवाह में कुछ ऐसे जोड़ों का भी विवाह संपन्न हो गया जो दस दिन अथवा दो माह बाद विधिवत शादी करेंगे। यही नहीं कुछ ऐसे भी बताए जा रहे हैं जिनकी शादी 20 दिन पहले हो गई, लेकिन वह सोमवार को भी निकाह कार्यक्रम में शरीक हो गए।
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संभल जिले के मिलक शाहपुर निवासी एक युवक ने भी शहर के मोहल्ला गुलाबबाड़ी निवासी एक व्यक्ति की पुत्री से कार्यक्रम में सात फेरे लिए। फिर दोनों एक साथ जाने के बजाय अपने-अपने घर चले गए।
पूछने पर युवक ने बताया कि दोनों के बीच शादी की बात परिवार में चली है, लेकिन इसकी कोई तिथि तय नहीं हुई है। दो-तीन माह बाद शादी करने का विचार है। इसके लिए एक हफ्ते बाद दोनों के परिवार बैठ कर तिथि निर्धारित करेंगे। धीमरी निवासी एक युवक का भी गांगन की मैनाठेर निवासी एक युवती से निकाह पढ़ाया गया। पूछने पर दोनों ने बताया कि 29 जुलाई को उनकी शादी की तारीख पक्की हुई है। दलपतपुर निवासी एक युवक ने मैनाठेर निवासी एक युवती ने एक दूसरे को कबूल किया। पूछने पर दोनों हड़बड़ाहट में पहले यह बता गए कि 20 दिन पहले उनकी शादी हो चुकी है, लेकिन बाद में बताया कि पहले रिश्ता हुआ था। शादी अब हुई है।
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कइयों के हाथ पर नहीं सजी थी मेहंदी, शादी का लिबास भी नहीं
सामूहिक विवाह समारोह की तैयारी पिछले दस दिन से चल रही थी। नगर निगम का दावा है कि आवेदकों का सत्यापन भी कराया गया। समय से सूचना भी दे दी गई। जिसके चलते 143 जोड़ों में से 124 जोड़े विवाह के लिए पहुंचे। उनका विवाह भी संपन्न हुआ, लेकिन इसमें तमाम जोड़े ऐसे थे जिनके हावभाव कुछ अलग ही कहानी कह रहे थे। हिंदू अथवा मुस्लिम समुदाय के लोगों के विवाह समारोह के मौके पर हाथ में मेहंदी लगाने की रस्म लगभग जरूर पूरी की जाती है, लेकिन यहां अधिकांश जोड़े ऐसे थे जिनके हाथ मेहंदी नहीं रची थी। यही नहीं लहंगा, शेरवानी या सूट आदि भी अधिकांश नहीं पहने थे। कई महिलाएं ऐसी थीं जो शादी के समय पहने जाने वाला लाल जोड़ा तक नहीं लाईं थीं। यह हाल तब है जब जोड़ों के लिए कपड़े आदि के लिए धन की व्यवस्था रहती है।
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