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15 साल बाद एक बार फिर स्थापित हुई पंडित दीनदयाल की प्रतिमा, 2005 में सपा सरकार में हटी थी मूर्ति

Sun, 28 Jun 2020 04:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
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मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए - फोटो : amar ujala
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पंद्रह साल से भी अधिक समय की लंबी जद्दोजहद के बाद रामपुर के पंडित दीनदयाल चौक पर आखिरकार एक बार फिर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा की भव्य स्थापना हो गई। 15 साल पहले एक आंदोलन के रूप में जिस बात को लेकर भाजपा-सपा के नेता आमने-सामने आए थे वो विवाद भी संभवतः अब हल हो गया। 

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा हालांकि अपने पुराने  स्थान पर नहीं लग सकी लेकिन, उस स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मामला कोर्ट में भी चला गया था। जिसके बाद से ही एक उचित स्थान पर छोटे से पार्क के रूप में भव्य प्रतिमा स्थापना को लेकर भाजपाइयों की मांग चली आ रही थी।

साल 2005 का जून महीना, प्रदेश में सपा सरकार और मोहम्मद आजम खां प्रदेश सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री, उसी दौर में जब जौहर विवि की स्थापना की शुरुआती दिन हुए और विवि तक की सड़कों को चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण की योजना शायद जेहन या कागज में उतरी ही होगी। उसी वक्त जून माह में आंबेडकर पार्क के सामने स्थित पंडित दीनदयाल चौक व वहां पर लगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा रातों रात हटा दिए गए। 
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इसको लेकर काफी बवाल हुआ, उग्र भाजपाइयों ने विरोध में आंदोलन का एलान कर दिया। प्रदेश भर से दिग्गज नेताओं ने जुटने का एलान किया। जिस पर आनन-फानन में इस विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाते हुए उस वक्त के भाजपा प्रदेशाध्यच केसरी नाथ त्रिपाठी को मुरादाबाद, एमएलसी डॉ. नैपाल सिंह को चंदौसी और भाजपा के नेता सदन लाल जी टंडन को बरेली में गिरफ्तार कर लिया गया। 

इसके बाद से ही आज तक लगातार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापना की मांग उठती रही। रविवार को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने डीएम आवास के निकट एक सुंदर पार्क में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण व माल्यार्पण कर भाजपाइयों  की इस मांग और इस पार्क व प्रतिमा स्थापना व सौंदर्यीकरण के लिए गंभीर प्रयास करने वाले जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता की मेहनत पूरी हो गई।

प्रदेश में आई सत्ता तो प्रतिमा स्थापना की मांग ने पकड़ा जोर
साल 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत से बनी तो भाजपाइयों ने एक बार फिर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा को  पुराने स्थान पर लगवाने की मांग उठानी शुरू कर दी। लेकिन, मामले के कोर्ट में होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने सितंबर 2017 में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख व अन्य भाजपा नेताओं की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रतिमा स्थापना को लेकर निर्देश दिए।

इसके बाद उचित स्थान व प्रतिमा स्थापना को  लेकर कवायद शुरू हुई। लेकिन, प्रतिमा स्थापना के काम ने अभय गुप्ता के जिलाध्यक्ष बनने के बाद जोर पकड़ा। उन्होंने इस कार्य को गंभीरता व प्राथमिकता के साथ लेते  हुए तेजी से कार्य कराया।

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