मुरादाबाद। कर अधिवक्ता संगठनों ने राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में मंडलायुक्त और नगर विधायक से मुलाकात कर अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। वहीं, अपर आयुक्त का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया है।
कर अधिवक्ताओं के चार संगठनों के पदाधिकारियों ने मंगलवार को नगर विधायक रितेश गुप्ता और मंडलायुक्त से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त ग्रेड-1 का व्यवहार अत्यंत अशोभनीय और दंभपूर्ण है। एक लोकसेवक होने के बावजूद उन्हें शिष्टाचारपूर्वक बात करना नहीं आता। आरोप है कि वह कर अधिवक्ताओं को अपने मुवक्किलों की पैरवी करने पर एफआईआर कराने की धमकी भी देते हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्होंने रामपुर के कर अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य कर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कर अधिवक्ता व्यापारी और विभाग के बीच सेतु का कार्य करते हैं, लेकिन अपर आयुक्त ग्रेड-1 इस भूमिका को नहीं मानते। उनका आरोप है कि अपर आयुक्त ग्रेड-1 अपीलीय अधिकारियों के न्यायिक कार्यों और निर्णयों में खुला हस्तक्षेप करते हैं।
इसके अलावा अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अपर आयुक्त अधीनस्थ अधिकारियों पर दबाव बनाकर मनमाना कार्य कराने के लिए बाध्य करते हैं। वह मौखिक आदेश देकर व्यापारियों को राज्य कर विभाग में बुलवाते हैं, जहां अधिकारियों द्वारा व्यवसायियों को डराया और धमकाया जाता है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी लोकसेवक को शालीन, सभ्य और जनता या उसके प्रतिनिधियों की बात ध्यानपूर्वक सुनने वाला होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले में अपर आयुक्त के खिलाफ जांच के लिए एक समिति गठित की जाए। जांच पूरी होने तक उनका तबादला नॉन रेवेन्यू और नॉन पब्लिक डीलिंग पद पर किया जाए।
नगर विधायक रितेश गुप्ता ने कहा कि इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों को दी जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में राजकमल रस्तोगी, नरेश चंद्र गुप्ता, सैय्यद आरिफ अली, अनुराग सिंह, नरेश कुमार, अमर शर्मा, जिया जमीर, अनुज गुप्ता, दीपक अग्रवाल, शिशिर गुप्ता और दीपक कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।