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अधिवक्ताओं का टोल पर कब्जा, सैकड़ों वाहन शुल्क दिए बगैर निकलवाए

Sat, 24 Feb 2018 02:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद।
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केंद्र सरकार की ओर से कोल्हापुर में मुंबई हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना की घोषणा किए जाने के बाद यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर पिछले 40 साल से चल रहा आंदोलन तेज हो गया। शुक्रवार को मुरादाबाद के अधिवक्ता वाहन रैली निकाल कर रामपुर हाईवे पर पहुंचे और नियामतपुर इक रौटिया टोल गेट फ्री करा दिया। सैकड़ों की संख्या में वाहन बिना शुल्क दिए ही टोल गेट से गुजर गए। हंगामे की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भाकियू (भानू) के कार्यकर्ता भी साथ मौजूद रहे। 
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केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश मेें हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर मुरादाबाद के अधिवक्ता भी हड़ताल पर हैं। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष प्रदीप सिन्हा और महासचिव आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता शुक्रवार को बाइक और कार से रामपुर हाईवे पर टोल प्लाजा पर पहुंचे। अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा को गेट फ्री करा दिया। आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि महाराष्ट्र हाईकोर्ट की औरंगाबाद में खंडपीठ है। 

इसके बावजूद केंद्र सरकार ने कोल्हापुर में खंडपीठ की स्थापना की घोषणा कर दी है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले 40 साल से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक यहां बेंच की स्थापना की घोषणा नहीं की जाएगी। तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अधिवक्ता राजीव कुमार त्यागी, संजीव राघव, जुनैद एजाज, राम मोहन श्रीवास्तव, नवनीत शमशेरी, अभिषेक भटनागर, अतुल सोती, आशुतोष त्यागी, अजय पाल सिंह, आलोक राव, प्रेम सिंह, धर्मवीर सिंह, अमीरुल हसन जाफरी, आदेश श्रीवास्तव और आदित्य श्रीवास्तव समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। 
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भारतीय किसान यूनियन (भानू ) ने भी अधिवक्ताओं के आंदोलन में अपना समर्थन दिया। टोल गेट फ्री कराया। सीओ हाईवे राजेश कुमार ने बताया कि अधिवक्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना को लेकर ज्ञापन दिया था। ज्ञापन देने के बाद अधिवक्ता चले गए।
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