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जौहर यूनिवर्सिटी की 13.84 हेक्टेयर जमीन प्रशासन के कब्जे में-00

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रामपुर। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन पर कब्जा लेने की प्रशासन की कवायद पर रोक लगाई है लेकिन इस आशय का निर्देश मिलने तक प्रशासिनक टीम यूनिवर्सिटी परिसर में 13.842 हेक्टेयर जमीन को शत्रु संपत्ति के रूप में चिह्नित कर इस पर कब्जा ले चुकी है। प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूनिवर्सिटी में आगे की सभी कार्रवाईयों को रोक दिया गया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शत्रु संपत्ति के मामले में पिछले दिनों रामपुर शहर से सपा विधायक आजम खां की अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए रामपुर के डीएम को यूनवर्सिटी परिसर में मौजूद शत्रु संपत्ति पर कब्जा लेने के लिए कहा था। इसके बाद डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने एसडीएम सदर को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद एसडीएम सदर मनीष मीणा, तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार और लेखपालों की टीम के साथ जौहर यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ दिन की कवायद के दौरान 13.842 हेक्टेयर जमीन का चिह्नांकन शत्रु संपत्ति के रूप में किया और पिलर लगा कर इस संपत्ति तारबंदी कर दी। इसमें दो इमारतें भी आ रही हैं।
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एक तरफ प्रशासनिक टीम की यूनिवर्सिटी में कवायद जारी थी तो दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने यूनिवर्सिटी की इमारत गिराए जाने की आशंका जताते हुए सुप्रीम कोर्ट से दखल की अपेक्षा जताई थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने शत्रु संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजम खां को अंतरिम जमानत देते समय लगाई गई शर्त से छूट के निर्देश दे दिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से पूर्व की कवायद में प्रशासन ने यूनिवर्सिटी में शत्रु संपत्ति मानते हुए 13.842 हेक्टेयर जमीन को कब्जे में लेने की बात कही है। प्रशासनिक टीम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।
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