हजरत नगर गढ़ी थाने की हवालात में पीट पीट कर मौत के घाट उतारे गए शब्लू के परिजन सोमवार को लखनऊ में एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी से मिले। उन्होेंने बताया कि तीन माह बाद भी हत्यारोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तार नहीं हो पाई है। स्थानीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।
एडीजी ने तुरंत डीआईजी को लाइन पर लेकर पूरे मामले की जानकारी ली और केस की प्र्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी। साथ उन्होंने आदेश दिया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए। असमोली थानाक्षेत्र के मढ़न निवासी रिटायर्ड दरोगा मैराजुल हसन के बेटे रफीकुल हसन उर्फ शब्लू को हजरत नगर गढ़ी थाने की पुलिस ने 22 सितंबर को सिरसी से उठाया था।
उस वक्त शब्लू अपने मामा के घर गया था। 23 सितंबर 2016 को हजरत नगर गढ़ी थाने में शब्लू की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हजरत नगर गढ़ी थाने के पूर्व एसओ परवेज चौहान, दस सिपाही और दो मुखबिरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। घटना के तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
सोमवार को शब्लू के पिता और भाई ने लखनऊ में एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी सेमुलाकात की। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की शिकायत की और कहा कि अधिकारी केवल तफ्तीश कराने का आश्वासन दे रहे हैं। इसके बाद एडीजी ने डीआईजी ओंकार सिंह से फोन पर बात की और पूरे मामले की जानकारी ली।
तब उन्होंने आदेश दिया कि हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए। किसी भी पुलिस कर्मी की बहाली नहीं होनी चाहिए। शब्लू के परिजनों ने बताया कि वह लखनऊ में हैं और मंगलवार को वह सीएम अखिलेश यादव और डीजीपी जावीद अहमद से भी मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाएंगे।