धोखाधड़ी और गबन के मामले में अभिनेत्री अमीषा पटेल जनपद न्यायाधीश की अदालत में रिवीजन दाखिल किया है। अभिनेत्री पर आरोप है कि ग्यारह लाख रुपये लेने के बाद वह एक वैवाहिक कार्यक्रम में नहीं आई थीं।
ड्रीम विजन इवेंट कंपनी के मालिक पवन कुमार वर्मा ने अदालत में अभिनेत्री अमीषा पटेल और अन्य के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। जिसमें उन्होंने अभिनेत्री अमीषा पटेल और अहमद शरीफ, सुरेश परमार, राजकुमार गोस्वामी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 16 नवंबर 2017 को एक शादी समारोह में नृत्य के लिए बुलाया था। जिसके लिए अमीषा पटेल को तय हुए ग्यारह लाख रुपए एडवांस में दिए गए थे लेकिन रकम लेने के बाद भी अमीषा पटेल शादी समारोह में नहीं आई।
यह रकम पी आर कंपनी के मालिक राजकुमार गोस्वामी के माध्यम से अमीषा पटेल के पर्सनल असिस्टेंट सुरेश परमार और अहमद शरीफ को दी गई थी। जिसके बाद अमीषा पटेल द्वारा दो लाख रुपये की मांग और की गई। इस मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में की जा रही है। जिसमें अमीषा पटेल के खिलाफ वारंट जारी किया गया था।
बुधवार को अमीषा पटेल के वकील अभिषेक शर्मा ने बताया इस मामले में लोवर कोर्ट के आदेश 11 फरवरी 2019 के खिलाफ जनपद न्यायाधीश की अदालत में रिवीजन दाखिल किया गया है। जिसमें बताया गया है कि वादी पवन कुमार वर्मा और अमीषा पटेल के बीच किसी भी प्रकार का लेनदेन नहीं हुआ था और न ही वह किसी होटल में उनसे बात करने के लिए आई थी।अदालत ने इस मामले में रिवीजन पर बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में अब 27 फरवरी को सुनवाई होगी।