मुरादाबाद। लेखपाल भर्ती परीक्षा में गिरफ्तार किए गए सॉल्वर गैंग के सरगना समेत चारों आरोपियों को सोमवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजते हुए उनकी 11 अगस्त तक पुलिस रिमांड स्वीकार कर ली। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी, इस दौरान गैंग के अन्य गुर्गों को पकड़ने के लिए आरोपियों को साथ लेकर संभावित जगहों पर दबिश दे सकती है।
रविवार को मुरादाबाद में आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा में मेरठ एसटीएफ और सिविल लाइंस व मझोला थाने की पुलिस ने सॉल्वर गैंग का खुलासा किया था। टीम ने सॉल्वर गैंग के सरगना हरियाणा के सोनीपत जनपद के चिराना गांव निवासी नीरज, गोहाना निवासी सॉल्वर रविंद्र, पट्टी कल्याण निवासी मोहित और बागपत निवासी अभ्यर्थी आशीष आर्य को गिरफ्तार किया था। मोहित बागपत जनपद के छपरौली थानाक्षेत्र में तिलवाड़ा निवासी संदीप की जगह परीक्षा दे रहा था। जबकि रविंद्र आशीष आर्य की जगह परीक्षा दे रहा था। एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने मझोला थाने में छह नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को सोमवार दोपहर अदालत में पेश किया। साथ ही अदालत से रिमांड की मांग की। जिससे आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। अदालत ने 11 अगस्त तक रिमांड स्वीकार कर ली है। इसके बाद चारों आरोपी जेल भेज दिए गए है। सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि 11 अगस्त रिमांड मंजूर हुई है। आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।