केजीके कॉलेज के मुख्य नियंता के खिलाफ शुक्रवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने तेज बारिश में भीगते हुए कॉलेज में प्रदर्शन किया। प्राचार्य कक्ष में शिक्षकों से भी नोकझोंक हुई। इसके बाद मुख्य नियंता को पद से हटाने की मांग करते हुए प्रभारी प्राचार्य प्रो. मीरा कश्यप को ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का मुख्य नियंता के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। महानगर मंत्री गौरव क्षत्रिय ने कहा है कि महाविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राएं अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में जब महिला प्रोफेसर की ही सुरक्षा नहीं है तो छात्राओं पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
छात्राओं में असुरक्षा का भाव आएगा और उनके अंदर भय का माहौल उत्पन्न होगा। ऐसे में मुख्य नियंता पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए। विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज प्रशासन को मुख्य नियंता पर कार्रवाई करने के लिए तीन दिन का समय दिया।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मुख्य नियंता के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा। इस दौरान महानगर सहमंत्री श्रुति सिंह, छविनाथ अरोड़ा, साहिल कठेरिया, अनमोल शर्मा, गौरव गिरधर आदि मौजूद रहे।
ये है मामला
तीन दिन पहले कॉलेज के मुख्य नियंता ने वरिष्ठ शिक्षिका पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद से ही शिक्षकों में जबरदस्त रोष है। पीड़ित शिक्षिका और शिक्षक संघ के पदाधिकारी मुख्य नियंता को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में प्राचार्य को ज्ञापन भी दिया था।
पांच सदस्यीय समिति का गठन
केजीके कॉलेज में मुख्य नियंता द्वारा शिक्षिका पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी ने कहा कि जांच के लिए कॉलेज में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। प्रो. मीरा कश्यप समिति की संयोजिका हैं।
इसके अलावा प्रो. मीनू विश्नोई, प्रो. विनीता, प्रो. योगेंबर सिंह, प्रो. शिवपूजन यादव को समिति में शामिल किया गया है। समिति को एक सप्ताह में मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।