मुरादाबाद। केजीके कॉलेज के संस्कृत विभाग के प्रभारी पर एक छात्रा ने अभद्रता के आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा है कि बहन के साथ किताबों की जानकारी लेने जाने पर उन्होंने धमकी दी। प्राचार्य ने बताया कि मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संस्कृत विभाग के प्रभारी प्रो. विनोद कुमार पांडेय पिछले दिनों प्रबंधक विवेक खन्ना द्वारा प्रशासनिक अधिकार और संयुक्त रूप से वित्तीय अधिकार देने के बाद से चर्चा में हैं। इसी बीच कॉलेज की एक छात्रा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कुलपति गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को शिकायती पत्र दिया है। छात्रा का आरोप है कि प्रो. विनोद पांडेय कॉलेज में अभद्रता करते हैं। जब वह अपनी फुफेरी बहन के साथ प्रो. विनोद पांडेय से किताबों की जानकारी लेने गई तो उन्होंने डांटकर भगा दिया। साथ ही धमकी भी दी। छात्रा के अनुसार इसके बाद से अपनी, फुफेरी बहन की और छोटे भाई की सुरक्षा की चिंता है। छात्रा ने मामले में बड़े अधिकारी से जांच करवाने, शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।
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मामले की जांच के लिए अभी कोई समिति नहीं बनाई है। संबंधित प्रोफेसर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह शिकायती पत्र 24 अप्रैल की शाम को आया था। बीच में परीक्षाएं व अन्य कार्य थे। इसलिए बृहस्पतिवार को स्पष्टीकरण पत्र जारी किया गया है। हमारे पास यह शिकायती पत्र विश्वविद्यालय से आया है।
प्रो. सुनील चौधरी, प्राचार्य, केजीके कॉलेज
यह नितांत झूठी, शिकायत है। चूंकि ईद के पहले से प्रबंधतंत्र ने प्राचार्य बदलने का मन बना लिया था। उसके बाद से ही प्राचार्य और उनके इर्द-गिर्द रहने वाले शिक्षकों ने षड़यंत्र रचा है। यह लोग हमेशा से झूठी शिकायतें करवाते हैं। शिकायती पत्र में छात्रा का नाम, पिता का नाम, दाखिला संख्या आदि कुछ भी नहीं है। ममेरी बहन शिकायत कर रही है। यदि कोई छात्रा पीड़ित होती तो वह स्वयं शिकायत करती। कॉलेज में प्राचार्य बदलने की खींचतान चल रही है। मैं इसके खिलाफ कोर्ट में जाकर मानहानि का मुकदमा करुंगा।
प्रो. विनोद पांडेय, प्रभारी संस्कृत विभाग, केजीके कॉलेज