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Moradabad News: तेंदुआ दिखते ही खेत में बजेगा सायरन

Mon, 24 Aug 2026 01:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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मुरादाबाद। मंडल में तेंदुओं की बढ़ती दहशत के बीच अब गन्ने के खेतों में काम करने वाले लोगों को तेंदुए की मौजूदगी की पहले ही सूचना देने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग ने एनिडर नाम की दो डिवाइस ठाकुरद्वारा के गांवों में गन्ने के खेतों में लगाई हैं। चार डिवाइस अन्य संवेदनशील गांवों में लगाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को दी गई हैं।
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डिवाइस का मकसद गन्ने के खेत में छिपे या खेत में प्रवेश करने वाले तेंदुए की मौजूदगी का तत्काल पता लगाना है। तेंदुए की पहचान होते ही डिवाइस से सायरन बजने लगेगा। साथ ही डिवाइस के कंट्रोलर तक संदेश भी पहुंच जाएगा। इससे खेत में काम कर रहे लोगों को समय रहते सतर्क होने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका मिलेगा। डिवाइस में कैमरा भी लगाया गया है, जिससे तेंदुए की गतिविधि पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

मंडल में गन्ने के खेत तेंदुओं के लिए छिपने का बड़ा ठिकाना बने हुए हैं। तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना में गन्ने के खेत में महिला की तेंदुए के हमले में मौत हुई थी। इसके बाद ठाकुरद्वारा क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं सामने आती रहीं। बहापुर बलिया में भी तेंदुए के हमले में महिला की मौत हुई। वहीं खेतों में तेंदुए के छिपे होने की आशंका के कारण ग्रामीण समूह में खेतों पर जाने को मजबूर हैं।
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वन विभाग की टीमें तेंदुओं की तलाश के लिए पिंजरों के साथ ड्रोन और कैमरों का भी इस्तेमाल कर रही हैं। 23 अगस्त तक ठाकुरद्वारा रेंज में सात तेंदुओं के रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद नए इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे में एनिडर डिवाइस को तेंदुए की मौजूदगी का पहला अलर्ट देने वाली तकनीक माना जा रहा है। खासकर गन्ने के खेतों में, जहां घनी फसल के कारण तेंदुआ दिखाई नहीं देता और अचानक हमला होने का खतरा रहता है, वहां यह डिवाइस ग्रामीणों की सुरक्षा में उपयोगी साबित हो सकती है। मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार ने बताया कि यह डिवाइस बिजनौर निवासी और आईआईटी दिल्ली के छात्र रॉबिन ने बनाई थी। पहले पीलीभीत में वन विभाग के लिए मददगार साबित हो चुकी है।
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