मुरादाबाद। जिला अस्पताल में 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) बनाने के लिए कार्यदायी संस्था का चयन हो गया है। 44 करोड़ रुपये की लागत से जल निगम की सहयोगी संस्था सीएंडडीएस सात मंजिला इमारत का निर्माण करेगी। जिला अस्पताल में पार्क की जमीन पर सीसीयू बनेगी। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने जिला अस्पताल में मार्किंग कर ली है। मिट्टी का नमूना भी लैब से पास हो गया है।
सीसीयू का निर्माण जून 2025 में शुरू होने के आसार हैं। इसके लिए एक माह पहले शासन से अनुमति मिल चुकी है। निर्माण पूरा होने में करीब दो साल लग जाएंगे। दो सालों में स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों की तैनाती की होगी। बिना डॉक्टरों के सीसीयू का संचालन मुश्किल होगा, क्योंकि 30 बेड का आईसीयू डॉक्टर व स्टाफ न होने के कारण बंद पड़ा है।
जिला अस्पताल पहले ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। अब 100 बेड की सीसीयू में ज्यादा संसाधनों की जरूरत होगी। फिलहाल स्थिति यह है कि अस्पताल में 22 विशेषज्ञों समेत 35 डॉक्टरों के पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास वेंटीलेटर तो हैं, लेकिन इलाज नहीं है। आईसीयू होने के बावजूद सांस के गंभीर मरीजों को मेरठ, दिल्ली के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में जनरल फिजीशियन के दो, चेस्ट फिजीशियन का एक, रेडियोलॉजिस्ट के दो, हृदय रोग विशेषज्ञ के दो, न्यूरो सर्जन का एक, एनेस्थेटिस्ट, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, ऑर्थो सर्जन, ईएनटी सर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजीशियन का एक-एक पद खाली है। इसी तरह इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के दो व एमओ के तीन पद खाली हैं। वहीं सीसीयू के संचालन के लिए विभाग को कम से कम चार विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थेटिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी।
सीसीयू में लोगों को मिलेंगी यह सुविधाएं
- 24 घंटे निगरानी
- ईसीजी, कार्डियक मॉनिटर, मल्टीपैरामॉनिटर, वेंटिलेटर, सिरिंज पंप
- बीपी, ऑक्सीजन लेवल, हार्ट रेट की मॉनिटरिंग
- थ्रोम्बोलाइटिक थेरेपी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर
- सांस लेने में कठिनाई होने पर वेंटिलेटर
- सर्जरी या अचानक गंभीर बीमारी वाले रोगियों के लिए आपातकालीन उपचार
जिला अस्पताल में सीसीयू निर्माण के लिए एजेंसी ने मार्किंग की है। जून तक सीसीयू का निर्माण शुरू हो सकता है। डॉक्टरों की तैनाती के लिए सीएमओ के साथ समन्वय कर शासन से मांग करेंगे। सीसीयू बनने से लोगों को हायर सेंटर रेफर नहीं करना पड़ेगा।
- डॉ. संगीता गुप्ता, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक