गुरुकुल महाविद्यालय में कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं छात्राएं। स्रोत- महाविद्यालय
अमरोहा। गुरुकुल चोटीपुरा में वार्षिक शास्त्र प्रतियोगिता की चौथी स्पर्धा बृहस्पतिवार को संपन्न हो गई। दो दिवसीय शास्त्र प्रतियोगिता गुरुकुल की प्राचार्या डॉ. सुमेधा के जन्म दिवस पर आयोजित हुई थी।
प्रतियोगिता में 22 स्पर्धाओं में 940 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में छात्राओं के गीत, नाटक, संवाद आदि सृजनात्मक एवं शास्त्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी ने प्रतिभागी छात्राओं को शील्ड, प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार राशि के साथ चांदी की शलाकाएं देकर पुरस्कृत किया। श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि डॉ. सुमेधा का जन्म ही शास्त्रों के लिए हुआ है, इसलिए शास्त्रोत्सव ही उनका जन्मोत्सव है। यह गुरुकुल अपनी गुरु परंपरा द्वारा हजारों साल तक जीवित रहेगा। संस्कृत के विद्वान अभिराज राजेंद्र मिश्रा ने छात्राओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि गुरुकुल द्वारा शास्त्रों के संरक्षण और छात्राओं के संस्कारयुक्त सर्वांगीण विकास के लिए किए जाने वाला कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है। ऐसे कार्यक्रम से हमारी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा सुदृढ़ होती है। उन्होंने सभी छात्राओं का उत्साहवर्धन भी किया।
गुरुकुल महाविद्यालय में कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं छात्राएं। स्रोत- महाविद्यालय