मुरादाबाद। आदमखोर तेंदुए ने तीन अगस्त से 29 अगस्त तक तीन महिलाओं समेत चार की जान ले ली है। अकेले बाहपुर बलिया में ही दो महिलाओं और एक विकलांग युवक को आदमखोर मार चुका है। यह सब तब है जब बहापुर बलिया और लालापुर पीपलसाना गांव में 35 मजिस्ट्रेट, 75 कर्मचारी और 200 ग्रामीण नौजवानों की बीस टीमों को लगाया गया है। तेरह रायफलों के साथ पुलिस कर्मी भी चौबीस घंटे ड्यूटी दे रहे हैं।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव लालापुर पीपलसाना में तीन अगस्त को खेत पर चारा काट रहीं संतोष देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस हमले में संतोष देवी की माैत हो गई थी। इस हमले के पंद्रह दिन बाद 18 अगस्त को बहापुर बलिया में तेंदुए ने ब्रह्मो देवी को अपना शिकार बना लिया। 25 अगस्त को इसी गांव की मिथिलेश देवी तेंदुए की अगली शिकार बनीं। वहीं शनिवार की रात बहापुर बलिया में ही घर में सो रहे दिव्यांग किसान जगराज सैनी को उठाकर ले गया और मार डाला। आदमखोर तेंदुए के यह हमले तब हो रहे हैं जब गांव में जंगल में वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। गांव रास्तों पर पुलिस और मजिस्ट्रेट लगे हैं। दस से ज्यादा पिंजरे लगाए गए हैं। लेकिन फिर भी लंबी चाैड़ी टीम को आदमखोर तेंदुए छका रहे हैं और हाथ नहीं आ रहे हैं। वहीं आदमखोर तेंदुओं के पकड़े नहीं जाने और चार लोगाें की माैत से लालापुर पीपलसाना और बहापुर बलिया में डर बढ़ता ही जा रहा है। यहां लोगों की दिनचर्या बदल सी गई है। रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं।
बहापुर बलिया में की गई लाइटिंग
मुरादाबाद। कंट्रोल रूम के नोडल प्रदीप कुमार ने बताया कि बहापुर बलिया में लाइटिंग करा दी गई है। यहां गलियों से लेकर गांव के बाहरी हिस्सों तक में लाइट लगाई गई है। ताकि तेंदुआ किसी पर हमला न कर सके।
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लालापुर पीपलसाना में पकड़ा गया दूसरा तेंदुआ आदमखोर था। बहापुर बलिया में तीन लोगों की जान लेेना वाला तेंदुआ एक या अलग-अलग हैं यह कहना अभी मुश्किल है। क्योंकि आमतौर पर तेंदुआ हमले के बाद कुछ ही दूरी पर खेतों में छिपे रहते हैं। - आदर्श कुमार, मंडलीय वन संरक्षक