कुंदरकी। रामगंगा नदी के बाढ़ के पानी में डूबने से गांव बांहपुर के 32 वर्षीय किसान दिनेश सैनी की शनिवार दोपहर मौत हो गई। दिनेश अपने खेत की ओर जा रहा था कि अचानक बाढ़ के पानी से भरे तालाब में गिर गया। ग्रामीणों की सूचना पर गोताखोरों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला।
शनिवार को किसान अपने खेत पर गया था। रामगंगा नदी में आई बाढ़ के कारण उसका खेत पानी में डूबा हुआ था। उसे पानी की गहराई का पता नहीं चल पाया और गहरे पानी में डूबने लगा। उसकी आवाज से लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद गांव की कुछ गोताखोर बाढ़ के पानी में उतरे। एक घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोराें ने दिनेश सैनी को पानी से निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने किसान के शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दिनेश की मौत ने रक्षाबंधन के त्योहार पर परिवार को शोक में डुबो दिया। वह अपनी गर्भवती पत्नी संतोष और पांच बच्चों का एकमात्र सहारा था। उसकी आठ भाई-बहनों में से पांचवें नंबर के दिनेश की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
दिनेश तैराकी जानता था, लेकिन पानी की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण वह अपनी जान नहीं बचा सका। ग्रामीणों ने बताया कि 10 साल पहले भी पिता की डूबने से मौत हुई थी। दिनेश के पिता दुर्गा प्रसाद गंगन नदी में डूबने से मौत हो गई थी। यह घटना परिवार के लिए दूसरा झटका है।
एसडीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत परिवार को चार लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।