मुरादाबाद। पुलिसकर्मी बलवाई बने और उन्होंने अपने साथियों पर पत्थर फेंके। इसके बाद दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस फोर्स ने जमकर रबर बुलेट चलाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस लाइन में शुक्रवार सुबह यही नजारा दिखाई दिया। मौका था दंगा नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल का। डीआईजी ने अधीनस्थों को निर्देश दिए।
शुक्रवार की परेड के बाद सुबह आठ बजे से डीआईजी ने दंगा नियंत्रण की रिहर्सल आयोजित कराई। जिले के सभी थानों के इंचार्जों और पुलिस लाइन के सिपाहियों को बुलाया गया था। कई सिपाही सादे कपड़ों में दंगाई बने। उन्होंने फोर्स पर पथराव किया। इस पर दूसरी तरफ से जवानों ने रबर बुलेट चलाईं। इससे पहले डीआईजी ने सभी अधीनस्थों को समझाया कि किसी भी बवाल में बल प्रयोग करने से पहले उसे शांत करने के क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं। इसमें घुड़सवारों को दौड़ाने और वाटर केनन से पानी की बौछार करने की भी जानकारी दी। इस दौरान एसएसपी लव कुमार, एसपी देहात प्रबल प्रताप सिंह व सभी क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे।