मुरादाबाद। बुधबाजार की भीड़ में वैगनआर कार से टक्कर लगने के बाद स्कूटी सवार एक महिला दरोगा ने जमकर हंगामा काटा। कार सवार गाजियाबाद के साफ्टवेयर इंजीनियर पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाकर बखेड़ा कर दिया। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। यहां भी दरोगा ने धमकी दी। घंटों हंगामे के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
महिला दरोगा ज्योति सिंह महिला सहायता प्रकोष्ठ में तैनात है। सादे कपड़ों में शनिवार दोपहर वह ताड़ीखाना के पास जा रही थीं। बुधबाजार चौराहे पर अचानक भीड़ में एक वैगनआर कार ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। इसके बाद तो दरोगा बिगड़ गईं। कार चला रहे साफ्टवेयर इंजीनियर तरुण शर्मा को खींच लिया। कार की चाबी निकालने लगीं। झगड़े में दरोगा की चूड़ियां टूट गईं तो वह गुस्से में आगबबूला हो गईं। कार में बैठी इंजीनियर की पत्नी माफी मांगती रही, लेकिन दरोगा ने एक न सुनी। थाने में इंस्पेक्टर ने जब समझाने की कोशिश की तो दरोगा ने उन्हें भी धमकी दी। इंजीनियर के परिवार वाले माफी मांगते रहे, लेकिन दरोगा ने रौब में किसी की नहीं सुनी। छेड़छाड़, मारपीट और हमले का इल्जाम लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर लिखी। बाद में समझौता हो गया।
इंजीनियर की पत्नी रिचा ने बताया कि वह पति, देवर और एक साल की बेटी रति के साथ गाजियाबाद से घर लौट रही थीं। बुधबाजार में कार स्कूटी से टकरा गई। इसके बाद महिला ने हंगामा शुरू कर दिया। खुद को दरोगा बताकर हाथापाई शुरू कर दी। वहीं दरोगा ने कहा कि कार की चाबी निकालने पर कार सवारों ने अभद्रता और मारपीट की।