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महिलाओं पर बाइकर्स का हमला, थर्राया सिविल लाइंस

Thu, 31 Jul 2014 05:31 AM IST
Moradabad
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मुरादाबाद। सिविल लाइंस इलाका बुधवार को बीस मिनट के भीतर चेन लूट की दो वारदातों से थर्रा उठा। दिल्ली नंबर की पल्सर बाइक पर सवार दो युवकों ने बेखौफ अंदाज में लोकोशेड पुल पर बीबीए छात्रा से चेन लूट ली। स्कूटी सवार छात्रा और उसकी बहन ने लुटेरों का पीछा किया लेकिन पुलिस सूचना के घंटाभर बाद भी नहीं पहुंची, नतीजतन लुटेरे भागने में कामयाब रहे। इससे पहले बाइक सवार लुटेरों ने पुलिस चेक पोस्ट से चंद कदम दूर रामगंगा विहार में एक बुटीक संचालिका पर झपट्टा मारा और चेन तोड़ ली। यहां भी महिला ने बहादुरी दिखाई और लुटेरों से छीनाझपटी की। जिसमें चेन तो सड़क पर गिर गई लेकिन पुलिस ने सूचना के बाद भी लुटेरों को पकड़ने का प्रयास नहीं किया।
अशोक नगर निवासी टिमिट की छात्रा अपनी बहन के साथ इंस्टीट्यूट से स्कूटी से घर लौट रही थी। छात्रा के मुताबिक दोपहर करीब तीन बजे लोकोशेड पुल से उतरते वक्त अचानक एक टैंपो आगे आ गया। छात्रा ने स्कूटी को ब्रेक लगाए इतने में पीछे आए पल्सर सवार दो युवकों ने छात्रा के गले पर झपट्टा मारा और चेन खींच ली। लुटेरे फव्वारे की तरफ भागे। छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए बहन के साथ स्कूटी से लुटेरों का पीछा किया। पीछे बैठी बहन ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पीली कोठी तक दोनों बहनें लुटेरों का पीछा करती रहीं। लेकिन पुलिस की सुस्ती से लुटेरे भाग निकले। वारदात के घंटाभर बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उधर, गंज निवासी बुटीक संचालिका नंदनी भटनागर पर लुटेरों ने मिड टाउन क्लब के पास झपट्टा मारा और चेन तोड़ ली। नंदनी ने भी साहस दिखाया और स्कूटी छोड़ लुटेरों से भिड़ गईं। छीनाझपटी की जिससे लुटेरे के हाथ से चेन छूटकर सड़क पर गिर गई। महिला का साहस देख लुटेरे भाग निकले। चंद कदम दूर रामगंगा विहार पुलिस चेक पोस्ट पर नंदनी ने घटना की जानकारी दी तो पुलिस वालों ने लुटेरों को पकड़ने में मदद करने से साफ इंकार कर दिया। पुलिस ने दोनों में किसी भी घटना की एफआईआर तक दर्ज नहीं की है।
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चेन लुटेरों की मददगार बनी पुलिस
मुरादाबाद। ये सीधे न सही लेकिन परोक्ष रूप से चेन लुटेरों की मदद ही है। चेन लूट की शिकार बीबीए छात्रा और उसकी बड़ी बहन ने पुलिस को दर्जनों कॉल कीं, कंट्रोल रूम को बार - बार सूचना दी। खुद पीछा करते हुए लुटेरों की लोकेशन भी बताती रहीं। यह भी बताया कि लुटेरों की बाइक पल्सर है, दिल्ली का नंबर है, नंबर प्लेट मुड़ी है, पीली कोठी की ओर हाईवे पर उनकी नजरों के ठीक सामने दौड़े रहे हैं। लेकिन पुलिस टस से मस नहीं हुई। छात्रा की बहन ने बताया, उन्हें पीली कोठी पर एक पुलिस वाला मिला, उन्होंने उससे मदद मांगी लेकिन उसका जवाब था, मैं तो पीएसी वाला हूं मैडम, सिविल पुलिस बुलाओ। कंट्रोल रूम में फोन रिसीव करने वाली महिला आपरेटर ने कहा, ठीक है, देखते हैं, बार - बार कॉल किया तो झल्ला पड़ी बोली, हमारे पास अलादीन का चिराग नहीं है, सब्र करो, पहले रिपोर्ट लिखाओ फिर देखेंगे। घंटाभर तक कोई खाकी वाला मदद को नहीं पहुंचा, पुलिस एलर्ट होती को लुटेरे पकड़ लिए जाते। थाने पहुंची बहनों ने पुलिस से कहा, बाइक पर पीछे बैठे लुटेरे का चेहरा पहचान सकती हैं, लुटेरों की एलबम हो तो दिखा दीजिए, पुलिस बोली, ये बात तहरीर में लिख दो देखेंगे।
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