मुरादाबाद। राहगीरों को लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह के दो बदमाशों को कटघर पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। कार सवारों ने रोडवेज बस स्टैंड पर सवारी वाहन का इंतजार कर रहे फरीदाबाद की एस्कोर्ट ट्रैक्टर कंपनी के कर्मचारी को लिफ्ट देकर उससे लूटपाट शुरू कर दी थी। काशीपुर तिराहे के पास शोर मचाने पर पुलिस ने कार को रोक लिया। दो युवकों को मौके पर ही तमंचे व कारतूस के साथ पकड़ लिया गया। एक फरार हो गया।
एस्कोर्ट ट्रैक्टर कंपनी के कर्मचारी सचिन कुमार पुत्र नौबहार सिंह ऊधम सिंह नगर के जसपुर थाना अंतर्गत उदयपुर गांव में रहते हैं। शनिवार रात वह घर जाने के लिए फरीदाबाद से चले। सुबह स्टेशन पर उतरकर वह रोडवेज बस स्टैंड पहुंचे और यहां काशीपुर की बस का इंतजार करने लगे। इसी दौरान क्रीम कलर की आल्टो कार (डीएल 5 सीसी 6300) आकर रुकी। उसमें बैठे तीन युवकों में से एक ने उन्हें लिफ्ट देने की पेशकश की। सचिन ने जसपुर जाने की बात कही तो तीनों ने ऊधम सिंह नगर तक जाने को कहा। इसके बाद सचिन कार में बैठ गए।
कटघर में रामगंगा पुल के आगे पीछे बैठे युवक ने कमर से तमंचा निकालकर सचिन की कनपटी पर लगा दिया और लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर तमंचे की बट से पीटा। शोर मचाने पर चालक के बगल में बैठे युवक ने सचिन को थप्पड़ मारे। काशीपुर तिराहे के पास सचिन ने पुलिस पिकेट देख जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। तब बाइक से सिपाहियों ने पीछा कर कार को रोक लिया। पीछे बैठा युवक उतरकर भाग निकला। आगे बैठे दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके नाम हरदीप पुत्र जीवन सिंह निवासी कौराला, बछरायूं और सतीपाल पुत्र इंद्र सिंह निवासी सुकला छजलैट हैं। फरार आरोपी राजू निवासी कांशीराम नगर की तलाश की जा रही है। चौकी इंचार्ज ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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आरोपियों में से एक बीएससी का छात्र
वारदात को अंजाम देने वाले तीनों बदमाशों में से हरदीप देहरादून के सर्वे चौक पर दास कालेज से बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। हरदीप ने बताया कि अमरोहा के बछरायूं में उसके गांव के पास ही सतीपाल एक मकान में राजमिस्त्री का काम कर रहा था। तभी जान पहचान हुई थी। राजमिस्त्री का साथी राजू पहले भी लूट और चोरी की कई वारदातें कर चुका है। लिहाजा राजू को साथ लेकर वह निकल पड़े। तमंचे व कारतूस राजू लाया था।
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फूफा की कार लेकर आया था हरदीप
हरदीप ने बताया कि वह अपने फूफा नागेंद्र कुमार निवासी गजरौला की कार लेकर आया था। सूचना पर हरदीप के परिवार से तमाम लोग भी थाने पहुंचे और पुलिस से उसे छोड़ने का दबाव बनाने लगे। उनका कहना था कि पुलिस ने फर्जी तरीके से बेटे को फंसा दिया। उनका बेटा कोई अपराध नहीं कर सकता।
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देहरादून में अय्याशी के लिए वारदात
आरोपी हरदीप ने बताया कि देहरादून में महंगे शौक और दोस्ती में खर्च करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसीलिए उसने लूट की वारदात करने का मन बनाया। सतीपाल पहले से अपराधी है। उसी ने एक ही दिन में लाखों रुपये की कमाई कराने का लालच दिया। कहा था कि कार लेकर चलना तो पकड़े नहीं जाएंगे। इसलिए घर आए अपने फूफा की कार लेकर वह निकल आया। पुलिस ने कार भी जब्त कर ली।