मुरादाबाद। नवजात को चार माह तक नियमित रूप से बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाना चाहिए। डाक्टर जब बच्चे के शरीर में आला लगाएगा तो जो भी बच्चे को होने वाली किसी भी तरह की समस्या जल्दी पकड़ में आएगी। बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आएगी उतनी जल्दी ही उस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। बीमारी जितनी देर से पकड़ में आएगी उतना ही बच्चे की जिंदगी के लिए खतरा बढ़ता जाएगा।
होटल ड्राइव इन 24 में आईएपी की ओर से आयोजित सीएमई में सर गंगाराम हास्पिटल दिल्ली से आए हार्ट स्पेशलिस्ट डा. मृदुल अग्रवाल एवं हार्ट सर्जन डा. राजा जोशी ने नवजात के हार्ट में छेद के उपचार सहित नवजात की बीमारी को जल्द से जल्द पकड़ने पर जोर दिया। डा. अग्रवाल ने कहा कि बच्चे के दिल में छेद छोटा है तो आधुनिक व्यवस्था के तहत तार डालकर दिल के छेद को बंद कर दिया जाता है। यदि छेद बड़ा है तो उसे आपरेशन करके बंद कर दिया जाता है। यह जितनी जल्दी पता चल जाए उतना ही बच्चे को खतरे से दूर किया जा सकता है। सीएमई में आईएपी अध्यक्ष डा. वीएस दीक्षित, सचिव पायल पुरी, वीके दत्ता, एमएल श्रीधर, डा. सुनील खट्टर, डा. वीर सिंह, डा. गौरव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।