पाकबड़ा। मिशन 2014 के लिए कमर कस चुकी नीली ब्रिगेड ने प्रचार के हाईटेक अभियान में सपा भाजपा से दो दो हाथ करने की तैयारी शुरू कर दी है। पहली बार सड़कों पर बसपा के प्रचार वाहन में एलसीडी के जरिए बहन जी की उपलब्धियों की फिल्में नजर आएंगी। हर गली, चौराहे और नुक्कड़ पर इन फिल्मों का प्रदर्शन होगा। बसपा संस्थापक स्व. कांशीराम से लेकर सुप्रीमो मायावती तक के किए गए प्रयास और बसपा सरकार की सफलता की कहानियां छोटे पर्दे के जरिए आम जनमानस अपना बनाने की कोशिश करेंगी।
रविवार को बसपा की मंडलीय बैठक में मुरादाबाद मंडल के सभी जिलों के पार्टी उम्मीदवारों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी सांसद मुनकाद अली ने विशेष जिम्मेदारियां सौंपी। प्रचार सुविधाओं से लैस इन वाहनों का इंतजाम पार्टी उम्मीदवार करेेंगे। प्रचार वाहन का कलर नीला होगा। शीशे पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की फोटो वाले स्टीकर लगे होेंगे। एलसीडी और बसपा एवं बसपा के इतिहास एवं बसपा सरकार की उपलब्धियों से भरी किताबें होगी। किताब और सीडी पार्टी के जरिए मुहैया कराई जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में यह प्रचार वाहन घूमेगा। जिलाध्यक्ष रणविजय सिंह के अलावा ब्रह्मस्वरूप सागर, सैनी ताराचंद्र शास्त्री, पूर्व मंत्री हाजी अकबर हुसैन, अकीलुर्रहमान, परमेश्वर लाल सैनी, जाहिद हुसैन, कमरे आलम, राबुल पाशा, रजनीकांत सिंह, शकील अहमद, तेजपाल पाल आदि पार्टी नेता मौजूद रहे।
कंडीडेट हारा तो कट सकता है टिकट
लोकसभा में बसपा कोई कोना ढीला छोड़ने को तैयार नहीं है। शायद यही वजह है कि पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी ने विधानसभा के मौजूद उम्मीदवारों को विशेष रूप से कुछ इस तरह ताकीद की- जिस विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा उम्मीदवार की हार होगी उस विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार के बारे में पुनर्विचार किया जाएगा। इसी के साथ विधानसभा प्रभारियों को भी नसीहत दी कि दमखम से जुट जाएं। औरों की अपेक्षा वोट कम मिला तो पद पर विचार हो सकता है।