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सिविल लाइंस के मधुबनी तिराहे के पास वारदात

Mon, 13 Jan 2014 05:50 AM IST
Moradabad
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मुरादाबाद। सिविल लाइंस के मधुबनी तिराहे के पास बदमाशों ने गांधी आश्रम के सचिव धनीराम मिश्रा की पत्नी उर्मिला से करीब एक लाख के जेवर लूट लिए। महिला अपनी पड़ोसन के साथ पार्क के पास शेरा जिम से लौट रही थीं। बदमाशों में से एक ने खुद को सिद्ध पुरुष बताते हुए साक्षात माता लक्ष्मी के दर्शन कराने का झांसा दिया और जेवर उतरवा लिए। पीड़िता ने सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
उर्मिला, अपनी पड़ोसन विमला के साथ रोजाना पार्क के पास जिम जाती हैं। रविवार को वह जिम से लौट रही थीं। पीएसी तिराहे की ओर जैसे ही वह चलीं, पीछे से आए एक युवक ने उनके चेहरे पर दैवीय तेज होने की बात कहकर उन्हें रोक लिया। बातों में लगाकर उनसे संत रामदेव के किसी भक्त का पता पूछा। इसी दौरान एक अन्य युवक आया। उसने युवक को महात्मा बताते हुए पैर छुए। तब आरोपी ने उसे लक्ष्मी मां के दर्शन कराने की बात कही। उसके हाथ से बैग लेकर महिला को दिया और कुछ दूर जाने को कहा। लौटकर दूसरे युवक ने मां लक्ष्मी के दर्शन होने की जानकारी दी।
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उर्मिला भी आरोपी की बातों में आ गईं। इसके बाद आरोपी ने उनसे जेवर उतरवाकर उनके बैग में रखवाए और बैग अपने साथी को पकड़ाकर उनसे भी कुछ दूर जाने को कहा। उर्मिला, पड़ोसन के साथ दो कदम आगे बढ़ीं और पीछे से आरोपी बैग लेकर फरार हो गए। वारदात से खलबली मच गई। आरोपियों की तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं लगा। उर्मिला ने बताया कि बैग में उनकी डेढ़ तोले की चेन, एक तोले के कुंडल और पांच ग्राम की अंगूठी, कपड़े, कुछ नगदी थी।
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अंधविश्वास के नाम पर हो रही ठगी की वारदात
कुछ समय पहले मझोला में मंडी समिति के पास भी एक महिला से दो युवकों ने खुद को सिद्ध पुरुष बताकर जेवर उतरवा लिए थे। इससे पहले बुधबाजार से दवा लेकर घर लौट रही रेलवे कालोनी की एक महिला से ठगी हुई थी। रामगंगा विहार में पिछले साल दो युवकों ने एक्सपोर्टर की मां से दस लाख के जेवर लूट लिए थे। तब दोनों युवकों ने उनसे बढ़ती वारदातों का डर दिखाकर वारदात की थी।
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किसी भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई पुलिस
लगातार ठगी की वारदातें होने के बाद भी पुलिस बदमाशों को पकड़ना तो दूर किसी की पहचान भी नहीं कर पाई। आज तक महिलाओं से आरोपियों का स्केच भी नहीं बनवाया गया। बता दें कि ठगी की इन वारदातों के अलावा पुलिस चेन और कुंडल लूट की वारदातों में भी आंख मूंदकर एफआर लगाती रही। नतीजा वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
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