मुरादाबाद। हिमगिरी कालोनी के एमएनसी कर्मी सौरभ शशांक विश्नोई की मौत के मामले में परिजनों ने उसकी गर्लफ्रेंड पर हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। शुक्रवार को मां और परिवार वाले तहरीर लेकर एसएसपी से मिले और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वारदात में गर्लफ्रेंड की सहेली और एक दोस्त को भी नामजद किया गया है।
बीती 22 दिसंबर की रात वापस काम पर पलवल जाने से पहले सौरभ के पास फोन आया था। बात करते हुए वह घर से निकल गया और रात भर घर नहीं लौटा। सुबह रेलवे लाइन किनारे उसका शव मिला। शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। इससे परिजन शुरुआत से ही मामले को हत्या मान रहे थे। पुलिस ने काल डिटेल निकलवाकर जांच शुरू की तो हनुमाननगर की एक युवती संगीता और डिलारी की आकांक्षा चौहान का नाम सामने आया। गुरुवार को पुलिस ने डिलारी जाकर युवती से पूछताछ की। लेकिन मामला सुसाइड का ही सामने आया।
पुलिस की जांच से नाखुश परिवार वाले शुक्रवार को एसएसपी से मिले और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। तहरीर में सौरभ की मां अलका विश्नोई ने डिलारी की आकांक्षा चौहान, उसके फ्रेंड अर्पित गुप्ता और हनुमाननगर की संगीता पर हत्या और साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने युवतियों से सख्ती से पूछताछ नहीं की, वरना सच सामने आ जाता।
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अर्पित से कुछ दिन पहले हुआ था झगड़ा
परिजनों ने बताया कि सौरभ का फेसबुक एकाउंट पर ही आकांक्षा के दोस्त अर्पित से कुछ दिन पहले ही झगड़ा हुआ था। यह बात पुलिस के सामने आकांक्षा ने भी बताई। लेकिन फेसबुक पर हुए झगड़े और आकर हत्या जैसी वारदात को अंजाम देना पुलिस के गले नहीं उतर रहा। परिजनों की मानें तो आकांक्षा बेहद चालाक है। उसने सौरभ से भी दोस्ती की थी और अर्पित को भी दोस्त बताती थी। फेसबुक पर अर्पित के आकांक्षा के लिए कमेंट देखकर सौरभ ने उसे डांटा था। तब झगड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस फेसबुक के उन कमेंट को भी निकलवा रही है।
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सोशल नेटवर्किंग साइट्स बनी मुसीबत
शुरुआत एक दूसरे से विचारों के आदान प्रदान और भाईचारे से हुई थी। लेकिन अब सोशल नेटवर्किंग साइट्स आपसी झगड़े का सबब बनती जा रही हैं। कुछ दिन पहले रामपुर के ही एक कवि पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था। क्योंकि उन्होंने फेसबुक पर कुछ भड़काऊ कमेंट लिख दिए थे। यही नहीं, फेसबुक से दोस्ती और प्यार के चक्कर में कई प्रेमी युगल थानों के चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस उनकी मदद नहीं कर पा रही।