मुरादाबाद। भारतीय किसान यूनियन ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पांच दिसंबर से किसान रेल और सड़क मार्ग जाम करेंगे। ब्लाक स्तर तक आंदोलन चलाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों का भी घेराव होगा।
मंडल की चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपया बकाया है। वह पेमेंट तो क्या मिलता चीनी मिलें गन्ना खरीद भी नहीं कर रही हैं। सरकार ने कहा था कि पच्चीस नवंबर तक पेराई सत्र शुरू करा दिया जाएगा। मगर सत्ताइस नवंबर के बाद भी मिलों के चलने का कोई पता नहीं। यहां राकेश टिकैत ने कहा कि पांच दिसंबर को प्रदेश भर में सड़क और रेल मार्ग जाम करेंगे। इसके लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई। ब्लाक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। यहां कहा गया कि अगर जरूरत पड़ी तो विधायक और सांसदों को भी घेरेंगे।
तहसील और ब्लाक में बांधेंगे पशु
मुरादाबाद। अभी एक दो दिन तो आंदोलन शांति पूर्ण ढंग से चलेगा मगर बाद में सब कुछ ठप किया जाएगा। थाने, तहसील और ब्लाक में जानवर बांधे जाएंगे। कलेक्ट्रेट में बैलगाड़ी और ट्रैक्टर खड़े किए जाएंगे। बुधवार को हुई पंचायत में इसका फैसला किया गया। यहां किसान नेताओं ने कहा कि अब र्कोई वार्ता या आश्वासन नहीं चलेगा। जब तक प्रशासन मिलों के चलने का कलेंडर नहीं सौंपेगा आंदोलन चलता रहेगा। पूरे मंडल में एक साथ यह आंदोलन चलाया जाएगा।
गांवों से पहुंचा किसानों का खाना
मुरादाबाद। कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे काश्तकारों के लिए आसपास के गांवों से खाने का प्रबंध किया गया है। भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा ने बताया कि बुधवार की शाम का खाना भटावली गांव से आया है। बृहस्पतिवार की सुबह को ज्ञानपुर और शाम का खाना काजीपुरा से पहुंचेगा। अगर आंदोलन आगे भी चलता है तो उस तरह से जिम्मेदारी बांटी जाएगी।