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मुस्लिम डिग्री कालेज में तोड़फोड़ का मामला

Wed, 04 Sep 2013 05:36 AM IST
Moradabad
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मुरादाबाद। मुस्लिम डिग्री कालेज में तोड़फोड़ का मामला दूसरे दिन भी गरमाया रहा। कालेज प्रबंधन की कार्रवाई वापसी के लिए आरोपी छात्र और उनके परिजन सपा नेताओं की शरण में चले गए हैं। पुलिस को दी गई तहरीर वापस लेने के लिए राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। वहीं कुछ अभिभावकों की ओर माफी मांगकर भी मामला रफा-दफा करने की अपील की गई। फिलहाल रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इस मामले में कालेज प्रबंधन ने जांच के लिए समिति का गठन कर दिया है।
कालेज में सोमवार को ड्रेस कोड लागू किए जाने के विरोध में तोड़फोड़ और हंगामा हुआ था। छात्रों ने शिक्षकाें के साथ अभद्र व्यवहार तक किया था। बाद में छात्र और कालेज प्रबंधन ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। नौ छात्राें को निलंबित कर दिया गया था। दूसरे दिन इस मामले में समझौते के लिए कालेज प्रबंधन पर दबाव पड़ना शुरू हो गया। जिसके चलते मंगलवार को भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई। वहीं खुद को पार्टी से जुड़ा बताते हुए कुछ छात्रों ने सपा नेताओं की शरण ली। नेताओं की ओर से मामला रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाया गया। प्राचार्य जमील अहमद ने बताया कि कुछ छात्रों के अभिभावकों ने कालेज पहुंचकर बच्चों के भविष्य की दुहाई देते हुए माफी भी मांग ली। वहीं प्रकरण की जांच कराने के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई गई है। जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। हो सकता है पुलिस कार्रवाई न हो, लेकिन कालेज के नियमों का पालन उन्हें करना ही होगा। मंगलवार को भी किसी छात्र छात्रा को आईकार्ड और ड्रेस के बिना प्रवेश नहीं दिया गया।
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कालेज में लगाए जाएंगे सीसी कैमरे
मुरादाबाद। कालेज में तोड़फोड़ मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। विवाद की वजह के साथ ही आरोपी छात्रों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है। हंगामे करने वालों में छात्रों का बड़ा गुट था, लेकिन कुछ की ही पहचान हो पाई है। इसमें कौन कालेज से बाहर के युवक थे, यह पता लगाना मुश्किल है। इस दिक्कत को देखते हुए कालेज में सीसी कैमरे लगाने का फैसला लिया गया है। प्राचार्य जमील अहमद ने बताया कि कैमरे के लिए टेंडर दे दिया गया है, जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे। अभी पहचान के लिए प्रत्यक्षदर्शी छात्र छात्राओं और शिक्षकों से पूछताछ की जाएगी।
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