मुरादाबाद। किसी भी खिलाड़ी के लिए फिजिकल फिटनेस सबसे जरूरी है। बात क्रिकेट जैसे सर्वाधिक लोकप्रिय गेम की हो तो फिजिकल फिटनेस में थोड़ी सी कमी चकाचौंध वाले गेम से पूरी तरह दूर कर सकती है, लेकिन सोनकपुर स्टेडियम में क्रिकेट की नर्सरी फिजिकल के बिना ही यूपी और इंडिया टीम का तानाबाना बुन रही है। कान में इयर फोन लगाकर पहुंचने वाले खिलाड़ियों ने बैट घुमाया, गेंद फेंकी और बन गए क्रिकेटर।
सोनकपुर स्टेडियम में पहुंचने वाले अधिकांश क्रिकेटरों की आज यही स्थिति है। मैदान में खिलाड़ी दौड़ते अथवा एक्सर साइज करते नजर नहीं आते। दो दिन पहले ही कुछ युवकों ने ही क्षेत्रीय क्रीड़ा निदेशक को यह जानकारी दी कि कुछ बच्चे इयर फोन लगाकर ग्राउंड पर आते हैं। आरएसओ ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। स्टेडियम में अंडर-12 से लेकर अंडर-22 तक के बच्चे क्रिकेट सीखने और खेलने पहुंचते हैं। इसमें स्टेडियम के तमाम पुराने खिलाड़ी हैं तो काफी संख्या में नई पौध है जो स्टार का सपना लेकर गेंद-बैट के साथ मैदान में उतरी है।
फिजिकल से छोटे बच्चों की रुकेगी ग्रोथ
सोनकपुर स्टेडियम के वरिष्ठ खिलाड़ी बदरुद्दीन सिद्दीकी कहते हैं कि छोटे बच्चों को अधिक एक्सर साइज कराने से उनकी ग्रोथ रुकेगी। इस समय गर्मी अधिक है, इसलिए छोटे बच्चों को फिजिकल कम कराया जा रहा है। सीनियर बच्चों को ग्राउंड पर दो चक्कर लगवाए जाते हैं, एक्सर साइज कराई जाती है, उसके बाद प्रैक्टिस होती है। इयर फोन लगाकर पहुंचने वाले बच्चे सिर्फ कालेज की छुट्टियों का मजा लेने के लिए आते हैं। इनका खेल से कोई वास्ता नहीं है।