मुरादाबाद। ईद-उल-अजहा पर ईदगाह के मैदान में पहुंचे नमाजियों ने मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ की। सजदे में लाखों सिर झुके। नमाज शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद ने अदा कराई। बाद में अपनी तकरीर में कुरबानी की फजीलत बयां करते हुए कहा कि कुरबानी अल्लाह के लिए है। इसका शबाब अल्लाहताला देंगे।
ईदगाह पर नमाज का वक्त भले ही सुबह नौ बजे से था लेकिन आठ बजे से ही नमाजियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। साढ़े आठ बजते बजते ईदगाह का मैदान फुल होने लगा था। आलम यह था कि नमाजियों की सफें बाहर सड़कों तक बिछ गईं थीं। शहर इमाम ने अल्लाह से खताओं की माफी के साथ ही परेशान हाल और बीमार की परेशानी खत्म होने, कारोबार में तरक्की, मुरादों इबादत को कबूलने, कुरबानी कबूलने, जायज दुआओं को कबूलने और मुल्क में अमन चैन की दुआ कराई। इसके बाद यहां एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद पेश की गई। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा।
मजम्मत
शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद ने सौहार्द बिगाड़ने वालों की मजम्मत की। उन्होंने कहा कि समाज में चंद लोग ऐसे होते हैं जो माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। हमें हमेशा ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए। इस्लाम हमेशा अमन का पैगाम देता है।
मुबारक
ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी गई। महानगर की कई मसजिदों में नमाज अदा की गई। इसके बाद कुरबानियों का सिलसिला शुरू हो गया था। ग्रामीण इलाकों में भी त्योहार धूमधाम से मनाया गया।