मुरादाबाद। हिंदू संगठनों ने घर से भागकर दबाव में गैर हिंदू से शादी रचा लेने वाली लड़कियों के मामलों को ‘लव जेहाद’ का नाम दिया है। इसे धर्मांतरण कराए जाने का मामला बताते हुए ऐसे सभी मामलों की जांच के लिए आयोग बनाने की मांग की है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर आयोजित हिंदू महापंचायत में यह मुद्दा गूंजा। हिंदू संगठनों का दावा है कि पिछले एक साल में वेस्ट यूपी की साढे़ तीन हजार लड़कियों का धर्मांतरण कराया गया है।
हिंदू संघर्ष समिति के तत्वावधान में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर आयोजित हिंदू महापंचायत में संयोजक दीपक गोयल ने कहा कि जिले के गांवाें में एक वर्ग द्वारा नए धार्मिक स्थलों का निर्माण कर नई परंपरा डाली जा रही है। हिंदू संगठित नहीं हैं इसलिए पुलिस और प्रशासन भी उन्हीं लोगों की मदद करता है और हिंदुओं का उत्पीड़न करता है। मुख्य वक्ता ईश्वरदयाल ने कहा कि असम की घटना हिंदू मुस्लिम संघर्ष नहीं थी, बल्कि बोडो जाति के लोगों को उनकी जमीनों पर काबिज हुए बांग्लादेशियों को खदेड़ने का प्रयास था। पंचायत में मुख्य रूप से नत्थीलाल शर्मा, लल्ला बाबू द्रविण, अंकित अग्रवाल, राम प्रसाद कश्यप, संजीव चौधरी आदि उपस्थित रहे।