मुरादाबाद। लोगों के मोबाइल पर प्लस 92 नंबरों से आ रही कॉल अब खुफिया विभाग के निशाने पर रहेंगी। बीएसएनएल की ओर से अलर्ट जारी करने के बाद पुलिस की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) ने भी पड़ताल शुरू कर दी है। इन नंबरों से आने वाली कॉल्स को ट्रेस किया जाएगा, ताकि मोबाइल यूजर्स को किसी परेशानी से बचाया जा सके।
प्लस 92 नंबर से इन दिनों लोगों के मोबाइल पर कॉल्स की संख्या बढ़ गई है। इन कॉल्स के आने के बाद दूसरी तरफ से व्यक्ति लोगों से मोबाइल लाइन, सर्वर कनेक्टिविटी आदि चेक करने के बहाने हैस 90 या हैस 09 डायल करने का आग्रह करता है। इन इंस्ट्रक्शन को फॉलो करने पर लोगों के सिम का बैलेंस और डाटा आदि चोरी हो जाता है। कई बार इन नंबरों से केवल मिस कॉल भी आती है, जिसे डायल करने पर मोबाइल का बैलेंस कम हो जाता है। पिछले दिनों बीएसएनएल कार्यालय में आई एक महिला की शिकायत ने अधिकारियों को परेशान कर दिया। महिला के पास प्लस 92 नंबर से दो बार मिस कॉल आई थी। जब उस नंबर को डायल किया तो महिला के प्रीपेड सिम में मौजूद बैलेंस कम हो गया। इसके बाद कंपनी ने अपने ब्राडबैंड उपभोक्ताओं को मेल जारी कर आगाह किया।
अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कंपनी की मानें तो पाकिस्तान के जेहादी मुस्लिम आतंकियों की ओर से यह कॉल्स की जा रही हैं। लाखों फोन प्रभावित किए जा चुके हैं। खबर के बाद एलआईयू के अधिकारी भी हरकत में आए हैं। प्लस 92 नंबरों से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करने की तैयारी हो रही है।
बीएसएनएल के महाप्रबंधक आरवी वर्मा ने बताया कि एलआईयू ने कुछ ब्योरा मांगा है। ताकि इन फेक कॉल्स को ट्रेस किया जा सके। कंपनी खुफिया विभाग की हर संभव मदद करेगी।
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