मुरादाबाद। गरमी बढ़ने के साथ ही डायरिया ने अपने पैर पसराना शुरू कर दिया है। उल्टी दस्त के मरीजों से अस्पताल के बिस्तर फुल हैं। ज्यादा शिकायत बच्चों में है। पिछले चौबीस घंटे में डायरिया की चपेट में आए तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें से दो बच्चे थे। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक डायरिया के तमाम मरीजों की भरमार है।
सूर्य नगर लाइनपार निवासी बृजेश शर्मा के बेटे निशांत (5) और बेटी रति (3) को उल्टी दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल ले जाया गया था। यहां निशांत ने दम तोड़ दिया जबकि रति की हालत नाजुक बनी हुई है। इसके अलावा रविवार को देर रात चक्कर की मिलक निवासी मारूफ पुत्र सरफराज को भी उल्टी दस्त की शिकायत पर निजी डाक्टर को दिखाया गया। लेकिन उसने थोड़ी देर में ही दम तोड़ दिया। पीतल बस्ती में रूपचंद्र की बेटी पिंकी (7) की हालत रविवार रात को बिगड़ी और उसने सोमवार को तड़के करीब पांच बजे दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक पिंकी को दो - तीन दिन से उल्टी दस्त की शिकायत थी। पड़ोस के ही डाक्टर से उसका इलाज भी चल रहा था, लेकिन सोमवार को तड़के अचानक उसकी हालत तेजी से बिगड़ी और फिर उसमें सुधार नहीं हुआ। इसके अलावा जिला अस्पताल में उल्टी दस्त के शिकार करीब बीस मरीज भरती हैं, जबकि ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या कुल मरीजों का करीब 80 फीसदी है।