मुरादाबाद। रोहित के बयानों से क्लीन चिट मिलने के बाद गार्गी की सहेली के परिवार ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस और गार्गी के परिजनों को प्रतिवादी बनाते हुए शिकायत में कहा गया है कि ये सब कुछ साजिशन किया गया। दूसरी तरफ पुलिस ने अब इस छात्रा को क्लीन चिट देने की कवायद शुरू कर दी है।
31 मई को गार्गी के सुसाइड करने के बाद उसके पिता हरपाल सैनी ने एक छात्रा को नामजद करते हुए तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि ये सहेली ही गार्गी को अपने साथ मानपुर ले गई और यहां तीन लड़कों के हवाले कर दिया। पुलिस ने आनन फानन अगले दिन ही इस छात्रा को गिरफ्तार कर किशोर कोर्ट में पेश किया था। पांच दिन बाद उसे जमानत मिली थी। मानपुर में गैंगरेप की पुष्टि ही नहीं सकी तो वहां ले जाने की बात भी फर्जी ही थी। इस केस में मुख्य आरोपी रोहित ने अपने कबूलनामे में इस छात्रा का कहीं भी नाम नहीं लिया। अब छात्रा के परिजनों ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा है। परिजनों का कहना है कि गार्गी के परिजनों ने उनकी पुत्री को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से फर्जी तौर पर नामजद किया। पुलिस ने भी बिना जांच पड़ताल के उसे जेल भेज दिया। जबकि पहले जांच की जानी चाहिए थी। इधर, पुलिस ने भी अब इस मामले में धारा 169 के तहत इस छात्रा को क्लीन चिट देने की तैयारी शुरू कर दी है। एसपी सिटी ने बताया जल्द ही क्लीन चिट दे दी जाएगी।