मुरादाबाद। बगैर नक्शे के नियम विरुद्ध शहर में बड़े- छोटे भवन निर्माण तेजी से हो रहे पर एमडीए की कार्रवाई सिर्फ छोटे निर्माण कार्यों के विरुद्ध हो रही है। बड़े स्तर पर हो रहे भवन निर्माण कार्य के विरुद्ध हाथ डालने से एमडीए पता नहीं क्यों परहेज कर रहा है।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ जोर शोर से किए जाने के दावे एमडीए की ओर से हर बार किए जा रहे हैं। उनके दावे धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि जब कभी आला अफसरों की शिकायत पर विभागीय अभियंता दिखावे के तौर पर छोटे स्तर पर हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ नोटिस जारी कर उसे सील करने में देते हैं। बीते एक महीने में कोतवाली क्षेत्र में दो अवैध निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया। जबकि उसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर तीन कोतवाली में क्षेत्र चार, गलशहीद इलाकेे में पांच, रामगंगा विहार में चार निर्माण कार्य बगैर नक्शे के कराए जा रहे हैं। इन अवैध निर्माणों पर एमडीए के न तो उड़न दस्ते की नजर पड़ी है और न ही उनके मुखबिरों की। इसके पीछे वजह क्या हो सकती है यह सभी जानते हैं। फिर एमडीए के आला अधिकारी सिर्फ आदेश देकर अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री में जुटे हैं। अब बड़े स्तर पर हो रहे निर्माण कार्यों पर एमडीए की ओर से हाथ नहीं डाला गया है। इस बाबत एमडीए सचिव अनिल कुमार कहते हैं कि कार्रवाई के पहले नोटिस दी जाती है। इस बीच कई लोग स्टे ले आते हैं। कई जुर्माना भर देते हैं। बावजूद इसके जिनके खिलाफ नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई अब तक नहीं हुई है उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।