मुरादाबाद। भारत संचार निगम लिमिटेड अपनी ब्राडबैंड सर्विस को नहीं सुधार पा रहा है तो वह उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण कैसे करेगा। इतनी कम स्पीड होने के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कनेक्टिविटी होने में काफी समय लगता है जिससे खीज कर उपभोक्ता कंप्यूटर को ही बंद कर देता है। ब्राडबैंड की शिकायत लगातार बढ़ती ही जा रही है। कई लोग तो भारत संचार निगम लिमिटेड कार्यालय पहुंच कर अपना कनेक्शन कटवा देने की भी बात करते हैं।
ब्राडबैंड की शिकायतें लगातार बढ़ती हा रही है। पहले तो कनेक्टिविटी में भारी गड़बड़ी की शिकायत है। दूसरे स्पीड धीमी काफी होती है। एक मेल खोलने, चेक करने या भेजने के लिए क्लीक करने पर दस से लेकर पंद्रह मिनट तक का समय लग जाता है। इसकी शिकायत लगातार बढ़ती ही जा रही है। लेकिन, दूर नहीं हो पा रही। उपभोक्ताओं के शिकायत करने पर विभाग के अधिकारी उनके कंप्यूटर में खराबी बताकर टहला देते हैं। यहां शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। जो शिकायतें आती हैं उसका निपटारा समय पर किया ही नहीं जाता। निजी संचार कंपनियों को मात देने का दंभ भरने वाली कंपनी बीएसएनएल धीमी स्पीड के बूते मात खा रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि बीएसएनएल का ब्राडबैंड, निजी संचार कंपनियों के ब्राडबैंड से काफी सस्ती है। लेकिन, सर्विस के मामले में उसकी स्थिति काफी खराब है।