मुरादाबाद। वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास चेकपोस्ट की खाली पड़ी भूमि पर बनाया जाएगा। इसका निर्णय शासन स्तर पर बहुत ही तेजी से लिया जा रहा है। हो सकता है इसका शासनादेश भी जल्द ही जारी कर दिया जाए। कर्मचारियों की मांग काफी समय से चली आ रही है कि चेकपोस्ट समाप्त होने के बाद जो जमीन विभाग की खाली पड़ी है उसमें उनके लिए सरकारी आवास बनाकर दिया जाए। ताकि कर्मचारियों को इसका लाभ मिले।
गौरतलब है कि सरकार ने व्यापारियों को सहूलियत देने के लिए वाणिज्य कर विभाग के सभी चेकपोस्टों को समाप्त कर दिया है। चेकपोस्ट समाप्त होने के बाद से विभाग की लाखों-करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन खाली पड़ी हुई है। उसका कोई भी उपयोग नहीं हो रहा है। किसी ने उस पर अपनी अवैध दुकानें खोल लीं हैं तो कोई खोखा लगा रहा है। कुछ जगहों पर तो जमीन जंगल का रूप लेती जा रही है।
इसलिए वाणिज्य कर के कर्मचारी इन खाली पड़ी भूमि पर पिछले काफी समय से सरकारी मकान बनाने की मांग करते चले आ रहे हैं। इसको लेकर विगत दिनों वाणिज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय कमेटी के महामंत्री भूपेश अवस्थी और पदाधिकारियों से वाणिज्य कर आयुक्त से लंबी बातचीत भी हुई है। उसके परिणाम भी अच्छे आए हैं। लिहाजा, लंबी वार्ता के बाद चेकपोस्ट की खाली पड़ी जमीन पर सरकारी आवास बनाने की ओर प्रदेश शासन अग्रणी हो गया है। चेकपोस्ट पर मकान बन जाने के बाद कर्मचारियों को महंगे किराये पर प्राइवेट मकानों में रहने से निजात मिलेगा। दूसरे विभाग को भी आय होगी। क्योंकि, कर्मचारियों से किराया लिया जाएगा लेकिन, सरकारी कम रेट पर। लिहाजा, विभाग को भी फायदा होगा और कर्मचारियों को भी।