मुरादाबाद। अप्रैल माह के अंतिम दिनों में चटख धूप और गर्म हवाएं बेहाल कर रही हैं। इससे त्वचा और आंखों को परेशानी हो सकती है। आंखों में लालिमा छाने के अलावा त्वचा का झुलसना आम समस्या है। चिकित्सकों का कहना है कि तरल पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन करना फायदेमंद रहेगा।
राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि रविवार का अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पश्चिम दिशा से हवा चल रही है। इसकी वजह से सुबह की आर्द्रता 47 फीसदी और शाम की 34 फीसदी दर्ज की गई। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन अग्रवाल ने बताया कि तेज धूप के अलावा प्रदूषित हवा भी त्वचा पर नुकसान डाल रही है। टैनिंग की समस्या कई दिन में पता चलती है, जबकि लाल चकत्ते और घमोरियां तुरंत हो जाती हैं। कम पानी पीने की वजह से त्वचा शुष्क हो जाती है। इससे खुजली की समस्या भी हो सकती है। सूती कपड़े से हाथ और चेहरा ढकने के अलावा छाता, हेलमेट और टोपी का इस्तेमाल करना चाहिए। तरल पदार्थों का नियमित सेवन करें। कार्यशैली के मुताबिक एसपीएफ (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) वाली सनक्रीम लगाएं। यह सूरज से निकलने वाली किरणों और त्वचा के बीच रुकावट का काम करती है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजेश कैन ने बताया कि गर्म हवाओं से शुष्क हो रही है और इससे आंखों में संक्रमण हो रहा है। लाल होना, जलन और पानी आने की समस्या है। इसके बचाव के लिए ठंडे पानी से आंखों को धोएं। उसके बाद भी दिक्कत है तो चिकित्सक को दिखाएं। 14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में हो रही है। मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की वजह से आंखें सूखने लगती हैं। आंखों को मलने से परेशानी बढ़ जाती है। धूप में निकलते समय काला चश्मा लगाएं। धूल आंखों में नहीं पहुंच पाती।