सीवर लाइन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढोें से लंबा जाम लग रहा है। व्यस्त सड़कों पर इन गड्ढों से जाम के झाम में लोग फंसने को मजबूर हो रहे हैं। शुक्रवार को भी स्टेशन रोड पर करीब तीन घंटा जाम लगा रहा। वाहन रेंगते रहे। यातायात पुलिस भी पर्याप्त संख्या में तैनात नहीं थे। इसकी वजह से जाम खुलने में वक्त लगा। इतना ही नहीं, बिना सुरक्षा मानक काम करने वाले मजदूर भी खतरे की जद में है। बेतरतीब खोदे गए गड्ढों से हादसों की आशंका भी बढ़ गई है।
पहले चरण में जिगर कॉलोनी, सिविल लाइंस, कटघर, गुलाबबाड़ी और दिल्ली हाईवे से जुड़े क्षेत्रों के घरों को सीवर लाइन से जोड़ने का प्रस्ताव है। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि 94 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। इन क्षेत्रों में सीवर की पाइप लाइन को बिछाया जा चुका है। अब डक बनाकर लाइनों को आपस में जोड़ा जा रहा है। मौजूदा समय में दिल्ली हाईवे पर स्टेशन के पास पर तीन जगह गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। व्यस्त सड़क पर वाहनों का दबाव अधिक होने से यातायात विभाग को डायवर्जन तक लागू करना पड़ा है। लेकिन यहां घंटों लोगोें को जाम में जूझना पड़ रहा है। जेल रोड के पीछे और गुरहट्टी पर भी गहरे गड्ढे खोदे गए हैं।
सीन एक :
स्टेशन रोड पर इम्पीरियल तक भीषण जाम में फंसे लोग झुंझलाते रहे। चूंकि गड्ढों को खोदने के बाद लोहे की गार्डर लगाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए जगह भी कम बचती है। जाम में फंसे लोगों के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए यातायात पुलिसकर्मी भी पर्याप्त संख्या में नजर नहीं आ रहे थे।
सीन दो :
स्टेशन रोड के पीछे सीवर लाइन जोड़ने के लिए गहरा गड्ढा खोदने का काम के दौरान मजदूरों ने सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया है। संकरी रोड को देखते हुए लोहे की बैरिकेटिंग लगाकर लोगों को गुजारा जा रहा था। लेकिन हादसा होने की गुंजाइश बनी हुई थी।
सीन तीन :
स्टेशन रोड पर मजदूर सीवर लाइन के लिए गड्ढा खोदते हुए नजर आया, लेकिन यहां भी सुरक्षा मानक ताक पर रखे गए थे। सड़क की तरफ से दो बैरिकेटिंग लगा दी गई थी। जबकि नियमानुसार पूरा एरिया कवर होना चाहिए, ताकि कोई वाहन इस गड्ढों में न गिर जाए।