मार्च महीना शुरू हो गया है, लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। कभी बादल, कभी धूप की लुकाछिपी चलती है तो नियमित तीन से चार दिन बाद बारिश हो जाती है। मौसम की तरह प्रदूषण का भी हाल है। बारिश के बावजूद दो दिन से प्रदूषण का स्तर चढ़ा हुआ था, जिससे रविवार शाम राहत मिली। वहीं, रविवार को तापमान में बढ़ोतरी होने के बावजूद सर्दी का अहसास बरकरार रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दस मार्च तक उतार-चढ़ाव लगा रहेगा।
दो दिन मौसम साफ रहने के बाद शनिवार को बदलाव हुआ। दिन भर काली घटाएं छाए रहने के बाद शाम से बारिश शुरू हो गई। रात भर रुक-रुक कर होती बारिश रविवार सुबह तक चली। इससे वातावरण में नमी होने की वजह से ठिठुरन बनी हुई थी। रविवार को दिन में भी कभी बादल तो कभी धूप निकलती रही। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी के अनुसार शनिवार शाम से रविवार सुबह तक छह मिली मीटर बारिश हुई है। बारिश के कारण सुबह की आर्द्रता भी 98 फीसदी रही। अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के बावजूद सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पांच को भी बादल और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। इस बारिश से गेंहू और सब्जी को नुकसान नहीं है, लेकिन आम के बौर पर नुकसान हो रहा है। बौर हवा से झड़ता है और इस मौमस में पानी से भी समस्या होती है। यदि चार से छह दिन यही स्थिति रही तो 20 फीसदी तक नुकसान हो जाएगा।
प्रदेश में दूसरे स्थान पर मुरादाबाद
पिछले दो दिन से प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ था। शनिवार को 329 एक्यूआई रहने के बाद रविवार सुबह प्रदूषण का स्तर 259 एक्यूआई आ गया। दिनभर मुरादाबाद वायु प्रदूषण में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। पहले स्थान पर 345 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ लखनऊ पहले स्थान पर रहा। शाम होते-होते प्रदूषण से शहरवासियों को राहत मिली। छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 263 से घटकर 173 एक्यूआई हो गया। पीएम 2.5 का औसत स्तर 173, न्यूनतम 38 और अधिकतम 373 रहा, जबकि पीएम 10 का औसत स्तर 98, न्यूनतम 44 और अधिकतम 204 दर्ज किया गया।