निजी स्कूलों में फीस की मनमानी रोकने के लिए शुल्क नियंत्रण अध्यादेश लागू होने के बाद अब निजी स्कूल मनमर्जी से छुट्टियां नहीं कर पाएंगे। 2019 के नए शिक्षा सत्र से निजी स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा परिषद की छुट्टियों का कलेंडर लागू होगा। निजी स्कूलों को स्कूल डायरी में कलेंडर प्रकाशित कर बच्चों को देना होगा। इससे निजी और सरकारी स्कूलों के संचालन और छुट्टियों में एकरूपता आएगी।
निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर योगी सरकार शिकंजा कस चुका है। मौजूदा शिक्षा सत्र से शुल्क नियंत्रण अध्यादेश लागू हो चुका है। निर्धारित मानक से अधिक शुल्क वसूली की शिकायत के लिए मंडलीय कमेटी गठित है। नए शिक्षा सत्र पर इसे प्रभावी बनाने के लिए स्कूलों को सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले ही फीस स्ट्रक्चर को वेबसाइट पर सार्वजनिक करना है। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से स्कूलों को सर्कुलर जारी कर दिया है। 10 जनवरी तक स्कूलों को अपना फीस स्ट्रक्चर की पूरा विवरण डीआईओएस कार्यालय में जमा करना है।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में सालाना कलेंडर से अवकाश होते हैं। लेकिन निजी स्कूल मनमर्जी से स्कूल खोलते और बंद करते हैं। इससे अभिभावक और छात्रों को परेशानी होती है। डीआईओएस ने बताया कि नए शिक्षा सत्र से निजी स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा परिषद का सालाना कलेंडर लागू होगा। कलेंडर के हिसाब से स्कूलों का संचालन नहीं करने पर कार्यवाही होगी। प्रत्येक स्कूल प्रबंधन को सालाना कलेंडर स्कूल डायरी में प्रकाशित कराना होगा, ताकि बच्चों और अभिभावकों को स्कूल की छुट्टियों की जानकारी हो सके।
- निजी स्कूलों को इसका सर्कुलर जारी कर दिया है। स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक भी हो चुकी है। जनवरी में इसको लेकर बैठकें की जाएंगी।
- प्रदीप कुमार द्विवेदी, डीआईओएस