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रोडवेज बसों की स्पीड पर ब्रेक

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मुरादाबाद। रोडवेज की ओवर स्पीड दौड़ने वाली बसों में ब्रेक लगाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रबंधन ने बसों की स्पीड नियंत्रित करने के लिए उनमें स्पीड गवर्नर डिवाइस लगाने का काम शुरू कर दिया है। डिवाइस लगने के बाद बसें निर्धारित स्पीड से ज्यादा तेज भगाने पर सड़क पर ही खड़ी हो जाएंगी। मुरादाबाद संभाग में रोडवेज के आठ डिपो हैं। इनमें बसों की संख्या करीब 743 है। 513 बसें परिवहन निगम की हैं, बाकी की बसें अनुबंधित हैं। 2016 से पहले निगम के बेड़े में शामिल 343 बसों में स्पीड गवर्नर नहीं लगे हैं।
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इससे बसें ओवर स्पीड दौड़ती हैं। अनियंत्रित स्पीड के चलने से दुर्घटनाओं का खतरा अधिक होता है। 2016 के बाद बेड़े में शामिल मात्र 170 बसों पर ही स्पीड गवर्नर कंपनी से लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट भी सार्वजनिक परिवहन सेवा से जुड़े वाहनों पर स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता कर चुका है। मुरादाबाद संभाग में बसों पर स्पीड गवर्नर लगाने का काम शुरू हो गया है। अप्रैल के आखिर तक निगम की सभी बसों में डिवाइस लग जाएगी। उसके बाद अनुबंधित बसों में लगेंगे।

बसों में अधिकतम स्पीड भले ही 80 किमी प्रति घंटा होगी, लेकिन हाइवे पर मानक के अनुसार 40 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से बस दौड़ाना अपराध है। मानकों के अनुसार टू लेन पर अधिकतम स्पीड 60 किमी और फोर लेन पर 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित है।
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- संभाग में पिछले साल करीब 36 दुर्घटनाओं में छह यात्रियों की मौत हुई थी। दर्जनों यात्री घायल हुए थे। स्पीड गवर्नर लगने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम हो जाएगा। - अतुल जैन, आरएम रोडवेज
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